टैक्स अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) से संबंधित कानून का उल्लंघन करने के आरोप में फिनो पेमेंट्स बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ऋषि गुप्ता को गिरफ्तार किया है। फिनो पेमेंट्स बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद, एक विशेष बोर्ड मीटिंग बुलाई गई। इसमें बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर केतन मर्चेंट को संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया ताकि वे दैनिक कार्यों का संचालन और देखरेख कर सकें।
फिनो पेमेंट्स बैंक ने बताया कि गुप्ता को CGST और SGST अधिनियम, 2017 की धारा 132(1)(a) और 132(1)(i) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। बैंक ने यह भी कहा कि यह जांच बैंक के GST अनुपालन से संबंधित नहीं है बल्कि इसका संबंध बैंक के व्यापारिक साझेदारों से है।
बैंक सभी जरूरी जानकारी देने के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है। अभी, बैंक पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस बारे में कोई और अहम डेवलपमेंट सही समय पर बताया जाएगा। फिनो पेमेंट्स बैंक ने साफ किया कि बैंक का कोई भी अधिकारी इसमें शामिल नहीं था, और जांच बैंक के बिजनेस पार्टनर (पार्टनर्स) से जुड़ी है।
2021 में शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था Fino Payments Bank
फिनो पेमेंट्स बैंक ने साल 2006 में एक पेमेंट्स टेक्नोलॉजी कंपनी के तौर पर शुरुआत की थी। धीरे-धीरे इसने भारत की फाइनेंशियल इंक्लूजन यात्रा में एक अहम भूमिका निभाई। फिनो साल 2020 में पहला प्रॉफिटेबल पेमेंट्स बैंक बना। 2021 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाला यह देश का पहला पेमेंट्स बैंक बना। फिनो पेमेंट्स बैंक की पेरेंट कंपनी Fino Paytech Ltd है। इसमें ICICI Group, BPCL, ब्लैकस्टोन, LIC, IFC जैसे दिग्गजों का निवेश है।
दिसंबर 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को स्मॉल फाइनेंस बैंक में कनवर्ट होने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2023 के दौरान स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस पाने के लिए आवेदन किया था। फिनो, स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी पाने वाला देश का पहला पेमेंट्स बैंक बन गया है। RBI के दिशानिर्देशों के मुताबिक, ऐसे मौजूदा पेमेंट्स बैंक जिन्हें भारत के निवासी चलाते हैं और जिन्होंने 5 साल के ऑपरेशंस कंप्लीट कर लिए हैं, वे स्मॉल फाइनेंस बैंक में कनवर्ट होने के लिए पात्र हैं।