TCS का बॉस बदल गया, स्टॉक मार्केट का रिएक्शन इस खबर पर कैसा रहा?

TCS में नेतृत्व परिवतर्न की खबर ने मार्केट को चौंका दिया। किसी ने इस तरह राजेश गोपीनाथन के इस्तीफे और नए सीईओ की नियुक्ति की उम्मीद नहीं की थी। हालांकि, गोपीनाथन ने कहा है कि यह उनका निजी फैसला है। उन्होंने कहा है कि वह अब अपने शौक और पसंद पूरे करने में समय बिताना चाहते हैं

अपडेटेड Mar 17, 2023 पर 12:14 PM
राजेश गोपीनाथन ने इस कंपनी में 22 साल बिताए। उनके कार्यकाल में कंपनी के BFSI सेगमेंट का रेवेन्यू बढ़कर 10 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया।

TCS के फैसले ने मार्केट को चौंका दिया। 16 मार्च को देश की इस सबसे बड़ी आईटी कंपनी में लीडरशिप चेंज की खबर आई। पिछले छह साल से कंपनी के सीईओ और एमडी रहे राजेश गोपीनाथन ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा है कि वह अब अपनी पसंद और शौक पूरे करेंगे। उन्होंने इस कंपनी में 22 साल बिताए। उनके कार्यकाल में कंपनी के BFSI सेगमेंट का रेवेन्यू बढ़कर 10 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 70 अरब डॉलर को पार कर गया। उनके नेतृत्व में कंपनी का रेवेन्यू 63 फीसदी बढ़ा।

कंपनी की ग्रोथ में राजेश की बड़ी भूमिका

फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में टीसीएस का रेवेन्यू 1.18 लाख करोड़ रुपये था। यह फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में बढ़कर 1.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। उनके कार्यकाल में कंपनी का EBITDA भी 64 फीसदी के उछाल के साथ 53,100 करोड़ रुपये हो गया। फाइनेंशियल ईयर 2017 से 2022 के दौरान प्रॉफिट 46 फीसदी बढ़कर 38,300 करोड़ रुपये हो गया। पिछले छह साल में कंपनी का मार्जिन स्थिर रहा है। EBITDA मार्जिन करीब 27-28 फीसदी रहा है। नेट प्रॉफिट मार्जिन 20-22 फीसदी रहा है।


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लीडरशिप चेंज की उम्मीद किसी को नहीं थी

TCS ने अपने BFSI के ग्लोबल हेड के कृतिवासन को नया बॉस नियुक्त किया है। वह सितंबर 2023 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, यह खबर अचानक आई है। लेकिन, एनालिस्ट्स का मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। Bernstein Research के मुताबिक, चैलेजिंग मैक्रो इनवायरमेंट में नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद नहीं थी। इससे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

ब्रोकरेज फर्नों को अच्छा प्रदर्शन जारी रहने का भरोसा

ब्रोकरेज फर्मों का यह भी कहना है कि अगर आईटी कंपनियों की बात करें तो टीसीएस को प्रीमियम वैल्यूएशन हासिल है। इसकी वैल्यूएशन इसकी 1 साल की फॉरवर्ड EPS का 26 गुना है। यह माना जा रहा है कि नए सीईओ के तहत भी कंपनी बड़ी वैल्यू की डील हासिल करती रहेगी। इस ब्रोकरेज फर्म ने टीसीएस के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। उसने इसके शेयर के लिए 3,840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज फर्म CLSA का कहना है कि टीसीएस का अच्छा प्रदर्शन जारी रहेगा। उसने इसके शेयरों के लिए 3,550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि नेतृत्व परिवर्तन में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। उसने कहा है कि इस बदलाव से कंपनी के बिजनेस पर खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, सक्सेशन प्लानिंग पर फोकस बढ़ सकता है, खासकर लंबी अवधि के निवेशकों के मामले में ऐसा हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि आने वाले महीनों में टीसीएस के शेयरों का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहने की उम्मीद नहीं है। उसने इस पर इक्वल-वेट रेटिंग देते हुए इसके शेयरों के लिए 3,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि सीईओ ने अपने इस्तीफा का प्लान बना लिया था। इसके ऐलान ने चौंकाया है। उसका मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन में दिक्कत नहीं आएगी। पहले की तरह यह बगैर किसी रुकावट के होगा।

Kotak Securities ने कहा है कि राजेश ने एक स्ट्रॉन्ग प्लेटफॉर्म बनाया है। उन्हें भी अपने पूर्ववर्ती एग्जिक्यूटिव्स से अच्छा प्लेटफॉर्म मिला था। उन्होंने इसे और मजबूत बनाने की कोशिश की। इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है, "कृतिवासन कई तरह से इस कंपनी में दूसरे एग्जिक्यूटिव्स जैसे हैं। वह बड़े BFSI पोर्टफोलियो को देख रहे हैं, जो 11 अरब डॉलर का है। उन्होंने लगातार बिजनेस को बढ़ाया है। वह कई रणनीतिक फैसलों में शामिल रहे हैं। वह सीईओ पोस्ट के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट में सबसे आगे थे। हमारा मानना है कि इस शेयरों में निवेश बढ़ाना चाहिए।"

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