मशहूर अमेरिकी इनवेस्टर Seth Klarman ने कहा था यह सोचना बेवकूफी है कि हर बेयर मार्केट ग्रेट डिप्रेशन में बदल जाता है। यह उम्मीद करना भी गलत होगा कि ओवरवैल्यूड लेवल से गिरावट के बाद सही लेवल पर आ चुके शेयर और नहीं गिर सकते। 16 मार्च को पांच दिन की लगातार गिरावट पर ब्रेक लग गया। लेकिन मार्केट में अब भी सेंटिमेंट सावधानी का है। 'बाय ऑन डिप्स' की जगह अब 'फ्लाई ऑन राइज' की सोच हाबी है। बॉलीवुड के मशहूर विलेन अजीत का torture-by-liquid oxygen का यह डायलॉग आपको याद है-ऑक्सीजन तुम्हें मरने नहीं देगी और लिक्विड तुम्हें जीने नहीं देगी। एक फंड मैनेजर ने कहा कि अभी स्टॉक मार्केट में यही स्थिति दिख रही है।
मार्केट क्यों चढ़ नहीं रहा?
उन्होंने कहा, "अभी जो स्थिति हैं, उसमें डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशंस लगातार खरीदारी कर रह हैं और इससे बाजार को सहारा मिल रहा है। साथ ही बड़े इनवेस्टर्स से लगातार शेयरों की सप्लाई आ रही है, जिसमें प्रमोटर्स भी शामिल है। इससे मार्केट चढ़ नहीं पा रहा है।"
कमजोर सेंटिमेंट के बीच ICICI Prudential Life Insurance के शेयर में 7 फीसदी उछाल आया। इसकी वजह कंपनी का यह ऐलान है कि निवर्तमान बॉस NS Kanan की जगह अब अनूप बागची (Anup Bagchi) कंपनी के MD & CEO होंगे। बागची ICICI Bank से आ रहे हैं। वहां वह एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं। ICICI Pru Life के शेयर पिछले 18 साल से संघर्ष करता दिख रहा है। यह सितंबर 2021 में पीक पर था। ऐसा नहीं है कि ICICI Pru के साथ कोई प्रॉब्लम है, क्योंकि मार्केट में आम तौर पर लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को लेकर रिस्पॉन्स ठंडा रहा है।
पिछले कुछ सालों में ICICP Pru Life ने वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) के मार्जिन को बढ़ाया है। इसके लिए कंपनी अपने प्रोडक्ट मिक्स में टर्म प्लान और एन्युटी प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ाई है। लेकिन, ICICI Pru Life को ICICI Bank के bancassurance चैनल का ज्यादा सपोर्ट नहीं मिल रहा था। हालांकि, तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर को लेकर एनालिस्ट की कमेंटरी पॉजिटिव रही है। अब इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि बागची कंपनी की ग्रोथ से जुड़े मसलों को हल करने में कामयाब रहेंगे।
Zee के शेयरों में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। कंपनी ने 16 मार्च को देर शाम बताया कि यह खबर कि वह IndusInd Bank को 5 करोड़ डॉलर पेमेंट करने जा रही है, सिर्फ अटकले हैं। उसने कहा है कि वह कई तरह के ऑप्शंस पर विचार कर रही है। इसमें सेटलमेंट भी शामिल है। इस स्टॉक पर अक्टूबर से ही बेयर्स की पकड़ देखने को मिल रही है। हालांकि, Zee के मैनेजमेंट ने समय-समय पर कहा है कि Sony के साथ डील सही रास्ते पर चल रही है।
DLF ने इसकी पुष्टि की है कि उसके लग्जरी हाई-राइज प्रोजेक्ट Arbour में उसकी ग्रॉस सेल्स 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। इस स्टॉक में 4 फीसदी का उछाल देखने को मिला। फिर 16 मार्च को दूसरी रियल्टी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। पिछले दो हफ्ते से सोशल मिडिया पर DLF के प्रोजेक्ट की स्ट्रॉन्ग डिमांड की खबरें चल रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लग्जरी घरों की ज्यादा मांग की एक वजह यूनियन बजट 2023 का एक ऐलान हो सकता है। इसमें कहा गया था कि 1 अप्रैल, 2023 से घर को बेचने से हुए 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस को दोबारा निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
CNBCTV18 के साथ पैनल डिस्कशन में Jubilant Foodworks ने कहा कि कंज्यूमर अब भी एंट्री लेवल के कम प्राइस वाले प्रोडक्ट्स खरीदना पसंद कर रहे हैं। फिर भी वॉल्यूम बढ़ी है। लेकिन कंज्यूमर खर्च को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। यह कंपनी की राय है। उधर, मारुति के ED शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि बुकिंग मोमेंटम में स्लोडाउन दिख रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में इनक्वायरी में भी सुस्ती आई है। उन्होंने हाई इनफ्लेशन का हवाला दिया, क्योंकि इसके चलते लोगों की खर्च करने योग्य इनकम घटी है, जिसका असर सेंटिमेंट पर पड़ा है।