IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को दिन में 6% तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2204 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 7.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने एक दिन पहले जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। लिहाजा निवेशकों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स आ रहा है। तिमाही के दौरान TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था।
ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2025 तिमाही में यह 65,799 करोड़ रुपये था। सितंबर 2026 तिमाही में TCS का EBIT सालाना आधार पर 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।
रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 30 अक्टूबर को किया जाएगा।
6 महीनों में कैसा रहा बिजनेस
अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2027 के पहले 6 महीनों के दौरान TCS का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1,45,463 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 1,29,236 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 27,233 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 छमाही में 24,835 करोड़ रुपये था।
TCS के शेयर पर ब्रोकरेज की राय
सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद नोमुरा ने डील बुकिंग से दिख रही संभावनाओं का हवाला देते हुए TCS के शेयर के लिए 2,630 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन चेतावनी भी दी है कि मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता और री-इनवेस्टमेंट का असर शॉर्ट-टर्म ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। जेपी मॉर्गन ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है। गोल्डमैन सैक्स ने 2,210 रुपये के टारगेट के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने 2,350 रुपये और CLSA ने 2,038 रुपये के टारगेट के साथ 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। सिटी ने सुस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन पर दबाव और डील मिलने की रफ्तार में कमी का हवाला देते हुए 1,840 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ 'सेल' रेटिंग बनाए रखी है।
अमेरिकी सरकार का एक्शन नहीं बिगाड़ पाया सेंटिमेंट
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, HCL Technologies, विप्रो, कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, एडोब और इंफोसिस समेत 8 टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' (PERM) से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने H-1B वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया। इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। इस फैसले के बाद भी TCS के शेयर को लेकर सेंटिमेंट पॉजिटिव है।
TCS ने कहा है कि उसे अमेरिका में ‘ग्रीन कार्ड’ प्रोग्राम पर की गई कार्रवाई से अपनी वर्कफोर्स स्ट्रैटेजी या ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ने की आशंका नहीं है। कंपनी के मुताबिक, पिछले दो वर्ष में इस प्रोग्राम के तहत उसके आवेदन की संख्या इकाई अंक में रही है। साथ ही अमेरिका में उसकी वर्कफोर्स स्ट्रैटेजी लोकल (अमेरिकी) लोगों को नौकरी देने पर है। TCS ने कहा है कि वह अमेरिकी श्रम मंत्रालय के किसी भी निर्देश का पालन करेगी।
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