Tech Mahindra Share Price: महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) की आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में सितंबर तिमाही के नतीजे के बाद आज तेजी दिख रही है। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर के नतीजे पर ब्रोकरेज का रुझान मिला-जुला दिख रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 61.6 फीसदी और रेवेन्यू 2 फीसदी गिर गया। ब्रोकरेज के मुताबिक ऐसे नतीजे के आसार तो थे और अभी इस तिमाही भी खास सुधार के आसार नहीं हैं।
आज शेयरों के चाल की बात करें तो 12 रुपये के अंतरिम डिविडेंड के ऐलान ने शेयरों को सपोर्ट तो दिया है लेकिन कमजोर नतीजे ने दबाव भी बनाया हुआ है। दिन के आखिरी में बीएसई पर यह 0.42 फीसदी की तेजी के साथ 1120.65 रुपये पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 0.86 फीसदी उछलकर 1125.60 रुपये पर पहुंच गया था।
Tech Mahidnra पर ब्रोकरेजेज का रुझान
टेक महिंद्रा का मार्जिन बहुत कम हो गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक मार्जिन में रिकवरी तो होगी लेकिन इसे लेकर पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज का अनुमान है कि इसका गैर-टेलीकॉम पर फोकस अधिक रहेगा क्योंकि यह टेल्को क्लाइंट्स में चुनौतियों के साथ टियर-1 सौदों में इसका मार्केट शेयर घट रहा है। लीडरशिप के दम, पूरे कारोबारी ढांचे को छह हिस्से में बांटने, जनवरी 2024 से डिलीवरी के केंद्रीकरण और बिजनेस रेशनलाइजेशन से एंटरप्राइज सेगमेंट की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा और ओवरऑल यह मार्जिन को सपोर्ट करेगा। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि नियर टर्म में ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए कोई खास सपोर्ट नहीं दिख रहा है क्योंकि रेशनलाइजेशन दिसंबर तिमाही में भी बने रहने के आसार हैं और सौदे जीतने की स्पीड स्लो है। इसके चलते ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग रिड्यूस कायम रखी है और टारगेट प्राइस 1600 रुपये है।
ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक टेक महिंद्रा के सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही सभी मोर्चों पर कमजोर थे। इसका रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन, दोनों कमजोर रहा। इसका अधिकतर रेवेन्यू अभी कम्यूनिकेशन सेगमेंट से आ रहा है और यह सेगमेंट वैश्विक स्तर पर फिलहाल काफी कमजोर है। टेक महिंद्रा ऐसे एरियाज से निकलने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है जो इसकी कारोबारी ग्रोथ पर असर डाल रहे हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक कारोबारी रेशनलाइजेशन दिसंबर तिमाही में भी जारी रहेगा। इसके अलावा डिस्क्रेशनरी टेक स्पेंड को लेकर मैक्रो आउटलुक कमजोर है। इसका मतलब हुआ कि टेक महिंद्रा के मांग में सुधार के संकेत अब वित्त वर्ष 2025 में दिख रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस 1590 रुपये से घटाकर 1372 रुपये कर दिया है। हालांकि खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है।
टेलीकॉम और अन्य वर्टिकल्स का आउटलुक साल की दूसरी छमाही में अनिश्चित बना हुआ है। हालांकि लॉन्ग टर्म में यह हेल्थी बनी हुआ है। टेक महिंद्रा के मैनेजमेंट को भरोसा है कि मीडियम टर्म में उन सौदों के दम पर इसकी मांग मजबूत बनी रहेगी, जिसे कंपनी ने पिछली तिमाहियों में हासिल किया है। इसके अलावा ब्रोकरेज ने को इसके मार्जिन में भी सुधार के आसार दिख रहे हैं। हालांकि पूरे सेक्टर की बात करें तो यहां सावधानी बरतने की जरूरत है। अब कंपनी के लेवल पर बात करें तो टेक महिंद्रा की मांग अनिश्चित दिख रही है और नियर टर्म में इसके रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार सुस्त बने रहने के आसार हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक दुनिया भर के बड़े देशों में अनिश्चितताओं के चलते फैसले में देरी दिख सकती है। इन सब वजहों को देखते हुए एक्सिस सिक्योरिटीज ने इसे 995 रुपये के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।
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