तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से 1,537 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क का विस्तार करेगी। यह ऑर्डर जून के अंत में तेजस की कुल 1,529 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक से बड़ा है। अर्णब रॉय तेजस नेटवर्क्स के को-फाउंडर हैं। उन्होंने इस साल अप्रैल में कंपनी के एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी संभाली थी। इसलिए यह ऑर्डर कंपनी के नए एमडी और सीईओ के लिए काफी अहम है। तेजस का शेयर 3 बजे 1.84 फीसदी चढ़कर 560.25 रुपये पर चल रहा था।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियों एचएफसीएल और STL से पिछड़ी तेजस
यह ऑर्डर तेजस नेटवर्क्स जिन चुनौतियों का सामना कर रही है, उनमें से सिर्फ कुछ का समाधान कर सकता है। Tejas ने बीते कुछ सालों में देश का सबसे आधुनिक टेलीकॉम इक्विपमेंट पोर्टफोलियो बनाया है। लेकिन, व्यावसायिक और वित्तीय रूप से यह प्रतिद्वंद्वी कंपनियों HFCL और Sterlite Technologies (STL) से पिछड़ गई है।
जून तिमाही में तेजस को 202 करोड़ रुपये लॉस
जून तिमाही में तेजस का रेवेन्यू 402 करोड़ रुपये रहा। लेकिन, कंपनी को इस दौरान 202 करोड़ रुपये का लॉस हुआ। इसकी ऑर्डर बुक 1,529 करोड़ रुपये की थी। लेकिन, नेट डेट (शुद्ध कर्ज) बढ़कर 4,277 करोड़ रुपये हो गया। HFCL का रेवेन्यू इस दौरान साल दर साल आधार पर 120 फीसदी बढ़कर 1,915 करोड़ रुपये रहा। STL का रेवेन्यू 87 फीसदी बढ़कर 1,910 करोड़ रुपये रहा। इसकी ऑर्डर बुक बढ़कर 18,618 करोड़ रुपये हो गई।
एचएफसीएल ने बदली बिजनेस की स्ट्रेटेजी
एचएफसीएल ने कम मार्जिन वाले टर्नकी प्रोजेक्ट्स से फोकस हटाया है। इसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम इक्विपमेंट, पैसिव कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस और डिफेंस शामिल हैं। FY26 में एचएफसीएल के रेवेन्यू में प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 62 फीसदी थी। इसके अगले साल बढ़कर 70 फीसदी से ज्यादा हो जाने की उम्मीद है। इसके रेवेन्यू में प्राइवेट-सेक्टर के कस्टमर्स की हिस्सेदारी करीब 84 फीसदी है।
STL ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ाया फोकस
उधर, STL ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर साइकिल पर दांव लगा रही है। अपने ग्लोबल सर्विसेज बिजनेस के डीमर्जर के बाद कंपनी ने ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल कनेक्टिविटी और डेटा सेंटर प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया है। मई में कंपनी की सब्सिडियरी ने 1 अरब डॉलर से बड़ा ऑर्डर हासिल किया था।
तेजस को 2023 में बीएसएनएल से मिला था 7492 करोड़ का ऑर्डर
तेजस की समस्या की जड़ कुछ हद तक उस चीज से जुड़ी है, जो इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। अगस्त 2023 में तेजस को टीसीएस से 7,492 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। कंपनी को इसके तहत करीब 1,00,000 बीएसएनएल साइट्स के लिए 4जी/5जी रेडियो एक्सेस नेटवर्क इक्विपमेंट की सप्लाई करना था।
बिजनेस में कंसंट्रेशन रिस्क बनने से तेजस को नुकसान
इस ऑर्डर से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई। रेवेन्यू 922 करोड़ से बढ़कर FY24 में 2,471 करोड़ रुपये हो गई। FY25 में यह 8,923 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन, इससे कंपनी के लिए बड़ा कंसंट्रेशन रिस्क बन गया। इसका नतीजा यह हुआ कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद तेजस को किसी दूसरे क्लाइंट से ऑर्डर नहीं मिला। इससे रेवेन्यू 88 फीसदी गिरकर FY26 में 1,103 करोड़ रह गई। इससे कंपनी 909 करोड़ रुपये के लॉस में आ गई।