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टैरिफ वार का भूकंप लंबी अवधि में बाजार के लिए होगा फायदेमंद,जानें अब क्या करें रिटेल निवेशक

फिरोज अजीज का कहना है कि टैरिफ वार का भूकंप आगे भी बाजार में देखने को मिलेगा। क्योंकि अभी तक इसपर देशों के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि इस टैरिफ वार के भूकंप का भारत को लॉन्ग टर्म में फायदा जरुर मिलता नजर आएगा। क्योंकि मेरा मानना है कि ग्लोबल ट्रेड में भारत की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होती दिखाई देगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 14, 2025 पर 1:23 PM
टैरिफ वार का भूकंप लंबी अवधि में बाजार के लिए होगा फायदेमंद,जानें अब क्या करें रिटेल निवेशक
फिरोज अजीज का कहना है कि अगर किसी निवेशक के पास 3-5 साल का नजरिया रख निवेश करते है तो इक्विटी में पैसा जरुर लगेगा।

2 और 3 अप्रैल की रात,ठीक डेढ़ बजे, जब हम आप सो रहे थे ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर भारी ड्यूटी लगाने का ऐलान कर दिया। देखते ही देखते पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार से करीब साढ़े दस लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। US के बाजार में पहले ही दिन करीब 24 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। पूरी दुनिया में भूंकप सा आ गया। लगा कि अब तो बाजार कंगाल करके ही मानेगा लेकिन मुश्किल से एक हफ्ता ही बीता था कि ट्रंप ने अपने ही फैसले पर 90 दिनों के लिए रोक लगा दी। फिर क्या था। अगले ही दिन दुनिया भर के बाजार झूम उठे। अमेरिकी शेयर बाजार में 2008 के बाद की सबसे बड़ी तेजी देखी गई। तो भारतीय बाजार एक दिन में जितना चढ़ा उतना पिछले छे महीने में कभी देखने को नहीं मिला था। तो ऐसे में कई सारे सवाल हमारे, आपके औऱ आप जैसे लाखों लोगों के मन में उठ रहे हैं कि क्या ट्रम्प का टेरर खत्म हो गया है ? या अभी aftershock बचा है। दूसरा सवाल क्या Q4 earnings को अब बाज़ार seriously लेगा? औऱ तीसरा सवाल जो शेयर बाजार का हर निवेशक जानना चाहता है कि आम रिटेल निवेशक अभी क्या करे?

इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए आनंद राठी वेल्थ के डिप्टी CEO फिरोज अजीज का कहना है कि टैरिफ वार का भूकंप आगे भी बाजार में देखने को मिलेगा। क्योंकि अभी तक इसपर देशों के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि इस टैरिफ वार के भूकंप का भारत को लॉन्ग टर्म में फायदा जरुर मिलता नजर आएगा। क्योंकि मेरा मानना है कि ग्लोबल ट्रेड में भारत की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होती दिखाई देगी। बीते हफ्ते के शुरुआत में भी हम दुनिया के तीसरे ऐसे बाजार में शामिल थे जो बाकी बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा था। जब भूकंप आता है तो वह सभी के लिए एक समान तरीके से होता है। जिसके चलते अन्य एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ भारतीय बाजार भी गिरे। हालांकि लंबी अवधि में भारत की स्थिति बेहतर होगा देखना यह है कि भारत इसका फायदा उठा पाता है या नहीं।

फिरोज अजीज का कहना है कि अगर किसी निवेशक के पास 3-5 साल का नजरिया रख निवेश करते है तो इक्विटी में पैसा जरुर लगेगा। एचडीएफसी फेलेक्सी कैप, कोटक मल्टीकैप, क्वांट लार्जकैप में निवेश करना चाहिए।

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के CIO मिहिर वोरा का कहना है कि बाजार में वौलेटिलिटी आगे भी जारी रह सकती है । मिहिर वोरा ने कहा कि अगर दुनिया स्लोडाउन की तरफ जा रही है तो लिक्विडिटी बहुत ज्यादा पंप (खींचाव)होने की संभावना है। क्योंकि डॉलर में कमजोरी और सोने में उछाल ये हमें साफ दिखा रहे हैं। इस स्थिति में भारत जैसा देश जो एक्सपोर्ट पर ज्यादा निर्भर नहीं करता उनको रिस्क फ्लो और रिस्क एसेट आ सकते है। जिसके चलते भारतीय बाजार में डाउनसाइड कम हो सकता है। हालांकि उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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