आज बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिल रही है। आज इंट्रा में Nifty50 18200 के पार चला गया है। वहीं, BSE-Sensex में आज के कारोबार में 500 अंकों के ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। नए साल की शुरुआत के साथ है दलाल स्ट्रीट की जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ती दिख रही है। बाजार के सभी सेगमेंटों में तेजी आती दिखी है। निफ्टी के मिडकैप और स्मॉल कैप में भी 0.7 फीसदी की बढ़त देखनो को मिली है।
Deen Dayal Investments के मनीष हाथीरमानी का कहना है कि निफ्टी मजबूती के साथ 18,000 के ऊपर टिका हुआ है। अब ये 18,400-18,500 की तरफ जानें की तैयारी में दिख रहा है। निफ्टी को 17,700 पर मजबूत सपोर्ट है ऐसे में किसी इंट्रा डे करेक्शन को लॉन्ग पोजीशन बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
आइए हम उन अहम कारणों पर नजर डालें जो बाजार की तेजी को हवा दे रहे हैं.
Omicron के मोर्चे पर राहत
कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से जुड़ा डर कम हो रहा है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में कोरोना के मामलों में आई गिरावट से इस बात का संकेत मिल रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर जैसी विनाशकारी नहीं होगी। आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को अब तक वैक्सीन लग चुकी है। इससे भी निवेशकों के सेंटीमेंट को बूस्ट मिला है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी
दिसंबर में 35,000 करोड़ रुपये की बिकवालीके बाद जनवरी में एक बार फिर FII की खरीदारी देखने को मिल रही है। जनवरी में अब तक FII ने 500 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। जिससे बाजार को राहत मिली है। गोफा सिक्योरिटीज के अमित शाह का कहना है कि भारत में विदेशी निवेशकों का फ्लो एक बार फिर पॉजिटिव होता नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि चीनी बाजार से निकल रहे निवेशक भारत की तरफ रूख करेंगे। FPI के भारत की तरफ फिर से रूख करने से घरेलू सेंटीमेंट सुधरा है। आईटी कंपनियों TCS,इंफोसिस और विप्रो के आज आने वाले नतीजों के साथ ही नतीजों का मौसम शुरू हो जाएगा। एनालिस्ट का मानना है कि तीसरी तिमाही में भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत रहेगा।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि तीसरी तिमाही में कंपनियों की आय में सालाना आधार पर 22 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। मेटल, फाइनेंशिलयल सर्विसेसज और आईटीकंपनियों के नतीजे शानदार रहेंगे।
अमेरिका की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी और मौद्रिक नीतियों मे कड़ाई की आशंका ने बाजार पर भारी दबाव बनाया था। लेकिन मंगलवार को यूएस फेड के चेयरमैन जीरोम पॉवेल के से बयान से बाजार को काफी राहत मिली है, जिसमें उन्होंने कहा है कि दरों में बढ़तोरी और टैपरिंग की मात्रा में तय करने के लिए अभी 2 से 4 और मीटिंग्स की जरूरत होगी।