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बाजार में 'डर के आगे जीत है' जैसा माहौल, 2032 में 50000 तक जा सकता है निफ्टी -रामदेव अग्रवाल

रामदेव अग्रवाल ने कहा कि होर्मुज ब्लॉकेड पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक है। भारत से ज्यादा कई अन्य देशों की स्थिति बिगड़ी है। अमेरिका में भी वेस्ट एशिया जंग का असर पड़ा है। युद्ध से वेस्ट एशिया में कच्चा तेल उत्पादन काफी घटा है। वेस्ट एशिया जंग का असर पूरे साल तक दिख सकता है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 5:46 PM
बाजार में 'डर के आगे जीत है' जैसा माहौल, 2032 में 50000 तक जा सकता है निफ्टी -रामदेव अग्रवाल
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि भारत की इकोनॉमी अभी 4 लाख करोड़ डॉलर की है। अगले 10 साल में 10 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी होगी। GDP साइज देखते हुए प्लेटफॉर्म इंडस्ट्री में अच्छी ग्रोथ संभव है

वेस्ट एशिया तनाव का भारत की इकोनॉमी पर ज्यादा असर दिखेगा। ये कहना है मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल का। सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल से खास बातचीत में उन्होंने कहा की ब्रेंट के $120-130 रहने पर सिर्फ Q1 ही नहीं पूरे साल चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ब्रेंट $120/bbl के पार जाना चिंताजनक है। होर्मुज ब्लॉकेड बातचीत के जरिए खुल सकता है। होर्मुज ब्लॉकेड पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक है। भारत से ज्यादा कई अन्य देशों की स्थिति बिगड़ी है। अमेरिका में भी वेस्ट एशिया जंग का असर पड़ा है। युद्ध से वेस्ट एशिया में कच्चा तेल उत्पादन काफी घटा है। वेस्ट एशिया जंग का असर पूरे साल तक दिख सकता है। Q1 और FY27 में काफी चुनौतियां आने का अनुमान है।

मार्केट को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का अनुमान

उन्होंने आगे कहा कि US जैसे देश को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। US जैसे शक्तिशाली देश पर विश्व की जिम्मेदारी है। अमेरिका और चीन के कदम का बड़ा असर होता है। $120-130 पर ब्रेंट रहने से दिक्कतें ज्यादा बढ़ेंगी। कंजम्पशन से जुड़े सेक्टर्स पर सीधा असर होगा। कंपनियों को ग्राहकों पर बोझ डालना ही होगा। बेहतर वॉल्यूम के बावजूद ऑटो पर दबाव दिख रहा है। मार्केट को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का अनुमान। महंगे कच्चे तेल से इकोनॉमी की ग्रोथ पर असर होगा।

वॉल्यूम के बावजूद FMCG पर दबाव जारी

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