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IPO का मौजूदा बूम भी बाजार पर बना रहा दबाव, जानिए कब तक बना रहेगा यह ट्रेंड

इस हफ़्ते ग्यारह मेनबोर्ड IPO बाज़ार में आ रहे हैं। इस महीने NSE और Jio के बड़े IPO (मेगा IPO) आने की भी उम्मीद है। इन बड़े IPO से बाज़ार की बहुत ज़्यादा लिक्विडिटी खिंचने की उम्मीद है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Sep 07, 2026 पर 11:19 AM
IPO का मौजूदा बूम भी बाजार पर बना रहा दबाव, जानिए कब तक बना रहेगा यह ट्रेंड
अमेरिका में उम्मीद से बेहतर जॉब्स डेटा ने सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ा दी है। इसका असर दुनिया भर के इक्विटी और बॉन्ड मार्केट पर भी पड़ेगा

7 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 23800 के नीचे आ फिसल गया है। सुबह 11:10 बजे के आसपास सेंसेक्स 374.59 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,140.84 पर और निफ्टी 113 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 23,784.70 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी IT इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट आई है। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 2% से ज़्यादा गिरा है। निफ्टी रियल्टी और मेटल इंडेक्स में 1-1% की गिरावट आई है। जबकि टेलीकॉम इंडेक्स में 1.7% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि पिछले चार हफ़्तों से बाज़ार में गिरावट का दौर चल रहा है। एक अहम सवाल यह है कि इकॉनमी और कॉर्पोरेट मुनाफ़े से जुड़ी अच्छी खबरों के बावजूद बाज़ार क्यों गिर रहा है? इसकी एक वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं,जिनका असर बाज़ार पर पड़ रहा है। हालांकि यह एक वजह है,लेकिन एक और घरेलू फ़ैक्टर है जो बाज़ार पर असर डाल रहा है। वह है IPO का मौजूदा बूम और इस महीने आने वाले कई बड़े IPO।

इस हफ़्ते ग्यारह मेनबोर्ड IPO बाज़ार में आ रहे हैं। इस महीने NSE और Jio के बड़े IPO (मेगा IPO) आने की भी उम्मीद है। इन बड़े IPO से बाज़ार की बहुत ज़्यादा लिक्विडिटी खिंचने की उम्मीद है।

इन्वेस्टर इन IPO से लिस्टिंग गेन (लिस्टिंग के समय मुनाफ़ा) की उम्मीद कर रहे हैं। संक्षेप में कहें तो,अभी ध्यान सेकेंडरी मार्केट के बजाय IPO मार्केट पर है। सितंबर भर ऐसा ही रहने की संभावना है।

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