NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों को बजट से सबसे ज्यादा फायदा होगा। ये कहना है कि Helios Capital के फाउंडर समीर अरोड़ा। सीएनबीसी-आवाज से बजट और बाजार पर खास चर्चा करते हुए उन्होंने आगे कहा मौजूदा स्थिति को मौजूदा समाधान चाहिए था। सरकार की ओर से संतुलित और बेहतर बजट पेश किया गया। उन्होने आगे कहा कि इंफ्रा , डिफेंस में खर्च कम नहीं हुआ है। पोर्टफोलियो में थोड़ा बदलाव करना होगा। लोगों की जेब में पैसे बचना अच्छा रहता है। इंफ्रा, डिफेंस में तेज ग्रोथ दिख चुकी है। इकोनॉमी से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन महंगे हो गए थे। वहीं इंफ्रा से जुड़ी एंसिलिरी के वैल्यूएशन भी काफी ज्यादा थे। जिसके चलते ज्यादा चल चुकी कंपनियों में करेक्शन संभव है। ग्राहक के हाथ में सीधा पैसा आने से खपत बढ़ेगी । पैसा बचत करने पर फंड में फ्लो बढ़ेगा। इंफ्रा के लिए बजट में उम्मीद से कम ऐलान हुए।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी
आरबीआई पॉलिसी पर बात करते हुए समीर अरोड़ा ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है। आरबीआई नकदी बढ़ाने के लिए और कदम उठा सकता है। ब्याज दरों में कटौती तीन बड़े सेक्टर पर पॉजिटिव असर डालेगी। फाइनेंशियल, ऑटो, कंज्यूमर सेक्टर को मदद मिली। ब्याज दरें घटे तो NBFCs को फायदा होगा। एनबीएफसी की बैलेंसशीट ज्यादा बेहतर होगी। ग्राहक को सीधे मदद देने से बूस्ट मिलेगा। ब्याज दरों में कटौती का फायदा कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों को भी होगा।
भारत में सुस्ती ने बढ़ाई एफआईआई की बिकवाली
भारतीय बाजार को क्या एफआईआई की बिकवाली का दर्द झेलना होगा? इस सवाल का जवाब देते हुए समीर अरोड़ा ने कहा कि भारत में सुस्ती की वजह से एफआईआई की बिकवाली बढ़ी। अगर बाजार में गिरावट नहीं होती तो सब वापस आ जाएंगे। बाजार के सेटिमेंट के चलते बाजार में एफआईआई की बिकवाली बढ़ी। एफआईआई ने आईपीओ में बड़ा पैसा लगाया है।
OMCs में फिलहाल कोई निवेश नहीं
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि OMCs में फिलहाल मौके नहीं ढूंढ़ रहे हैं। OMCs में फिलहाल कोई निवेश नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इंफ्रा, डिफेंस में फिलहाल निवेश नहीं है।
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