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तेजी से ग्रोथ करती भारत की इकोनॉमी से इन 6 सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा, बनी रहे नजर

भारत के ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने की उम्मीद है। कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, निवेश के मिल रहे प्रोत्साहन, मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे में हो रहे विकास के चलते भारत में कैपिटल गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग और दूसरे क्षेत्रों में ग्रोथ को बढ़ावा मिल रहा है। दुनिया के तमाम देशों की तरफ से अपनाई जा रही चाइना-प्लस-वन रणनीति से भी भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को मदद मिलने की उम्मीद है

Translated By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 23, 2023 पर 12:39 PM
तेजी से ग्रोथ करती भारत की इकोनॉमी से इन 6 सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा, बनी रहे नजर
कुछ देशों को मंदी के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमें 2023 -2024 की चिंताओं से परे लंबे नजरिए से निवेश करने की जरुरत है

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स ने 22 जून, 2023 को 63601.71 अंक का ऑल टाइम हाई हिट किया। बाजार जानकार एक नए और उभरते भारत को लेकर आशावादी हैं। भारत को दुनिया में भर में हो रहे बदलाव और प्रौद्योगिकी और ऊर्जा में हो रहे घरेलू निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभर सकता है। भारत आगे जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है। इसके अलावा 2030 तक भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शेयर बाजार होने की उम्मीद है। भारत आने वाले सालों में एशियाई और ग्लोबल ग्रोथ अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अगले दशक में भारत में उसी तरह का परिवर्तनकारी विकास देखने को मिल सकता है जैसा 2006 के बाद चीन में देखने को मिला था।

हमारा मानना है कि भारत के इस परिवर्तनकारी विकास यात्रा में 6 सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। निवेशकों की इन पर नजर रहनी चाहिए। आइए डालते हैं इन पर एक नजर।

मैन्यूफैक्चरिंग: भारत के ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने की उम्मीद है। कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, निवेश के मिल रहे प्रोत्साहन, मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे में हो रहे विकास के चलते भारत में कैपिटल गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग और दूसरे क्षेत्रों में ग्रोथ को बढ़ावा मिल रहा है। दुनिया के तमाम देशों की तरफ से अपनाई जा रही चाइना-प्लस-वन रणनीति से भी भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को मदद मिलने की उम्मीद है। अनुमान है की 2031 तक भारत की जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 21 फीसदी तक हो जाएगी।

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