इन 7 शेयरों को US-ट्रेड डील से हो सकता है फायदा, अमेरिका से आता है कुल रेवेन्यू का 70% तक हिस्सा
Textile Stocks: अमेरिका की ट्रंप सरकार ने बांग्लादेश के सामानों पर 35% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू हो जाएंगे। ग्लोबल मार्केट में भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर का सबसे बड़ा कॉम्पिटीशन बांग्लादेश और वियतनाम से ही होता है। चूंकि ट्रंप ने बांग्लादेश पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, ऐसे में माना जा रहा है कि अब अमेरिका में बांग्लादेश के टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे, जिसके चलते भारतीय कंपनियों को अपना पैर फैलाने में मदद मिलेगी
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 7:10 PM
Textile Stocks: अमेरिका के रेडीमेड गार्मेंट मार्केट में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी अभी महज 6% है
Textile Stocks: भारत और अमेरिका के बीच कब तक ट्रेड डील होगी? शेयर बाजार की नजरें इसी पर टिकी है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत-अमेरिका आज ही यानी 8 जुलाई की रात में एक मिनी ट्रेड डील का ऐलान कर सकते हैं। वैसे कुछ मीडिया रिपोर्ट में इस डील के इस हफ्ते के अंत तक होने की बात भी कही जा रही है। ये ट्रेड डील कभी भी हो, लेकिन एक बात तय है कि इस डील से जिन सेक्टर्स को सबसे अधिक फायदा हो सकता है, उनमें से एक नाम टेक्सटाइल सेक्टर का है। आज 8 जुलाई को भी टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। इसकी वजह रही, बांग्लादेश के टेक्सटाइल सेक्टर के ऊपर 35% का टैरिफ। आइए जानते हैं कि भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को इस ट्रेड डील से कैसे लाभ हो सकता है? साथ ही उन कंपनियों का नाम भी जानेंगे, जिनकी कमाई का एक काफी बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है।
शेयर बाजार में आज 8 जुलाई को जिस सेक्टर्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली, उसमें सबसे ऊपर नाम रहा टेक्सटाइल सेक्टर का। गोकलदास एक्सपोर्ट्स, KPR मिल, ट्राइडेंट लिमिटेड, वेल्सपन लिविंग और वर्धमान टेक्सटाइल्स जैसी कंपनियों के स्टॉक का भाव 7% तक उछल गया। इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से 2 बड़ी वजह रही।
पहली वजह यह रही कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने बांग्लादेश के सामानों पर 35% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू हो जाएंगे। ग्लोबल मार्केट में भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर का सबसे बड़ा कॉम्पिटीशन बांग्लादेश और वियतनाम से ही होता है। चूंकि ट्रंप ने बांग्लादेश पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, ऐसे में माना जा रहा है कि अब अमेरिका में बांग्लादेश के टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे, जिसके चलते भारतीय कंपनियों को अपना पैर फैलाने में मदद मिलेगी।
तेजी की दूसरी वजह यह रही है कि भारत-अमेरिका के बीच कम टैरिफ दरों वाली एक मिनी-ट्रेड डील के जल्द ही फाइनल होने की उम्मीद की जा रही है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने वियतनाम के साथ एक 20% टैरिफ दर वाले समझोता का ऐलान किया। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि उन्हें भारत के साथ भी इसी टैरिफ दर या इससे कम टैरिफ दर वाले समझौते की उम्मीद है।
अगर ऐसा होता है तो भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को अमेरिका के रेडी-मेड गार्मेंट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो अभी महज 6% है। वहीं पर दूसरी ओर बांग्लादेश की अमेरिकी मार्केट में 6 फीसदी और वियतनाम की 19 फीसदी हिस्सेदारी है।
आइए जानते हैं अब उन 7 टेक्सटाइल स्टॉक्स के बारे में, जिनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है।
1. गोकलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports)
कंपनी के वित्त वर्ष 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इसकी कुल रेवेन्यू का करीब 70 फीसदी हिस्सा अकेले अमेरिका से आता है। यानी इस कंपनी के लिए अमेरिका इसका सबसे बड़ा मार्केट है।
2. ट्राइडेंट (Trident)
इस कंपनी ने अभी तक वित्त वर्ष 2025 के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। लेकिन वित्त वर्ष 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ट्राइडेंट के रेवेन्यू का 38 फीसदी हिस्सा अमेरिका से आता है।
3. KPR मिल (KPR Mill)
कंपनी के वित्त वर्ष 2025 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कुल कमाई का 21 फीसदी हिस्सा अमेरिका से आता है।
4. वर्धमान टेक्सटाइल्स (Vardhman Textiles)
इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 की सालाना रिपोर्ट में प्रत्येक देश से आने वाली कमाई का खुलासा नहीं किया था। लेकिन इसने ये बताया था कि इसकी कमाई का 42 फीसदी हिस्सा एक्सपोर्ट मार्केट से आता है।
5. अरविंद (Arvind)
वर्धमान टेक्सटाइल्स की तरह इस कंपनी ने भी प्रत्येक देश से होने वाली कमाई का खुलासा नहीं किया था। लेकिन इसने ये बताया कि इसकी कमाई का 40% हिस्सा एक्सपोर्ट मार्केट से आता है।
6. सियाराम सिल्क मिल्स (Siyaram Silk Mills)
आज 8 जुलाई के कारोबार में इस शेयर 12 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली थी। लेकिन इसकी कुल कमाई का एक्सपोर्ट मार्केट का हिस्सा काफी कम है। कंपनी के वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, इसकी रेवेन्यू का सिर्फ 9 फीसदी हिस्सा एक्सपोर्ट मार्केट से आता है।
7. पर्ल ग्लोबल (Pearl Global)
इस कंपनी का कुल कमाई का करीब 46 से 50 फीसदी हिस्सा यूएस मार्केट से आता है। हालांकि आज के कारोबार में ये शेयर लाल निशान में बंद हुए।
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