Banking Stocks and IRDAI Draft: जिन बैंकों की कमाई में इंश्योरेंस यानी कि बैंकएश्योरेंस (Bancassurance) का भी बड़ा हिस्सा है, उनके शेयरों को आज तगड़ा शॉक लगा। इसकी वजह ये है कि भारतीय बीमा बाजार के नियम तय करने वाली इरडा ने एक ड्राफ्ट पेश किया है, जिसमें पॉलिसी बेचने से जुड़ी व्यवस्था में बड़े बदलाव की बात है। इसमें डिस्ट्रीब्यूशनल कॉस्ट कम करने, अलग-अलग सेगमेंट और प्रोडक्ट के हिसाब से कमीशन की लिमिट तय करने और गलत तरीके से पॉलिसी बेचने पर रोक लगाने की बात है। अभी यह ड्राफ्ट है और इस पर 25 अक्टूबर 2026 तक सुझाव मंगाए गए हैं।
किन बैंकिंग शेयरों को लगा शॉक
इरडा ने जो ड्राफ्ट पेश किया है, उसमें बैंकों को एनबीएफसी के एंप्लॉयीज पर पॉलिसी बेचने पर वॉल्यूम से जुड़े और रिवार्ड से जुड़े इंसेंटिव पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। IIFL रिसर्च के मुताबिक, जिन बैंकों को ट्रैक किया गया है, उनमें इंडसइंड बैंक की बैंकएश्योरेंस इनकम का एक्सपोजर सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2026 में इसे बैंकएश्योरेंस से जो इनकम हुई थी, वह इसके PBT (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) की 79.3% के बराबर थी।
इसके बाद बंधन बैंक 30.8%, आरबीएल बैंक की 28.5%, येस बैंक की 19.3%, एक्सिस बैंक की 12.5%, और फेडरल बैंक की 7.9% और एचडीएफसी बैंक 7.3% है। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक की बैंकएश्योरेंस इनकम की इसके पीबीटी में 5.8%, स्टैंडर्ड चार्टर्ड में 5.6%, एसबीआई में 2.6%, केनरा बैंक में 2.2%, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 2%, पंजाब नेशनल बैंक में 1.6%, बैंक ऑफ बड़ौदा में 1.5%, इंडियन बैंक में 1.2%, आईसीआईसीआई बैंक में 0.6% और एचएसबीसी में 0.5% हिस्सेदारी है।
क्या है IRDAI के प्रस्ताव में
इरडा ने बीमा कंपनियों के EoM (एक्सपेंसेज ऑफ मैनेजमेंट) यानी मैनेजमेंट से जुड़े खर्चों की सीमा कम करने के लिए 5 साल का रोडमैप पेश किया है। इसके तहत जीवन बीमा कंपनियों के लिए अगले दो साल में इसकी लिमिट को 15% तक और 5 साल में 12.5% तक लाने का प्रस्ताव है तो जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए दो साल में 25% और 5 साल में 20% तक लाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा सेगमेंट के आधार पर कमीशन की लिमिट फिर से लागू करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक बीमा पॉलिसी और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के आधार पर कमीशन की लिमिट तय हो सकती है। बैंक, ब्रोकर्स, कॉरपोरेट एजेंट्स और वेब एग्रीगेटर्स जैसे ओपन डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के लिए इसकी लिमिट कम हो सकती है।
इरडा ने पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कमीशन का रेट बताने और डिस्ट्रीब्यूटर को मिलने वाले पैसे की स्पष्ट जानकारी देने का प्रस्ताव है।
इरडा के ड्राफ्ट में लोन या क्रेडिट प्रोडक्ट के साथ इंश्योरेंस पॉलिसी को अनिवार्य रूप से नहीं बेचने का प्रस्ताव रखा है।
मोटर इंश्योरेंस को लेकर भी इरडा ने प्रस्ताव पेश किया है कि इसे बीमा सुगम जैसे MII (मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस) के जरिए इंश्योरेंस मुहैया कराया जाए और इसके लिए फीस प्रीमियम के 5% से अधिक न हो।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।