Ola Electric Right Issue: राइट्स इश्यू के ऐलान पर इलेक्ट्रिक वेईकल बनाने वाली ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों ने आज निचले स्तर से जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयर धड़ाम हो गए थे लेकिन राइट्स इश्यू यानी सस्ते में शेयर खरीदने के मौके की आस में धड़ाधड़ खरीदारी होने लगी और शेयर उछल पड़े। शुरुआती कारोबार में यह 2.31% टूटकर बीएसई पर ₹40.94 पर आ गया था लेकिन फिर इस निचले स्तर से यह 8.70% रिकवर होकर ₹44.50 तक पहुंच गया था। ऊपरी स्तर पर हल्की मुनाफावसूली के साथ फिलहाल यह 3.60% की बढ़त के साथ ₹43.42 पर है।
Ola Electric Rights Issue: खास बातें
ओला इलेक्ट्रिक ने बुधवार 23 सितंबर को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग में राइट्स इश्यू के प्रस्ताव का ऐलान किया था। इसे लेकर 28 सितंबर, 2026 को बोर्ड की बैठक में फैसला होगा। कंपनी ने अभी इश्यू साइज और शेयरों के भाव को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। इससे पहले कंपनी को ₹1500 करोड़ तक फंड जुटाने की मंजूरी मिली थी, जिसमें से कंपनी ने जून 2026 में QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए थे।
जून में जो QIP इश्यू आया था, उसमें ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने ₹500 करोड़ की योजना से अधिक पैसे जुटाए थे। गोल्डमैन सैक्स, बीएनपी क्लाइमेट फंड, मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, जेएम फाइनेंशियल म्यूचुअल फंड और बड़ौदा बीएनपी पारिबास म्यूचुअल फंड समेत कई बड़े निवेशकों ने इसमें पैसे लगाए थे और उन्हें तय किए गए फ्लोर प्राइस ₹37.74 के मुकाबले ₹35.86 के भाव पर शेयर जारी हुए थे।
राइट्स इश्यू की बात करें तो इसमें कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को आमतौर पर अच्छे-खासे डिस्काउंट पर शेयर खरीदने का मौका मिलता है। जून में जो क्यूआईपी इश्यू आया था, वह 1 जून को खुला था और उस दिन इसके शेयर बीएसई पर 4.91% की गिरावट के साथ ₹39.53 पर बंद हुआ था और इंट्रा-डे में तो ₹39.20 पर बंद हुआ था। हालांकि इसके बाद इसमें रिकवरी भी दिखी।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। इसके ₹76 के शेयर 9 अगस्त 2024 को लिस्ट हुए थे और कुछ ही दिनों बाद 20 अगस्त 2024 को बीएसई पर ₹157.53 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे। हालांकि फिर शेयरों पर दबाव बना और फिसलते हुए निवेशकों की आधे से अधिक पूंजी डुबो दी। इस रिकॉर्ड हाई से 19 महीने से भी कम समय में यह 86.54% टूटकर 2 मार्च 2026 को ₹21.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक आ गया था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।