MC Interview : एक खास सेगमेंट के रूप में मीडिया भी अर्थव्यवस्था के विकास में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाता है। आगे देश की अर्थव्यवस्था में ग्रोथ के साथ हमें मीडिया शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। चुनावों के करीब आने के साथ इस सेक्टर को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए। हालांकि इस सेक्टर में निवेश करते समय बेहद सावधान और सेलेक्टिव रहने की जरूरत है क्योंकि इस सेक्टर में आमतौर पर खराब कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानकों, गलत कैपिटल एलोकेशन और कम आरओई की शिकायतें रहती हैं। भारत की ग्रोथ स्टोरी पर हमारा पूरा विश्वास है। देश में कैपैक्स साइकिल में जोरदार तेजी आ रही है। ये बातें इक्विट्री कैपिटल एडवाइजर्स के पवन भराड़िया ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि हालांकि इंट्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में अब तक अच्छी तेजी देखी गई है। लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और एंसिलरी सेगमेंट में अभी भी निवेश के अच्छे अवसर दिख रहे हैं। ये सेक्टर ग्रोथ के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं। साथ ही इन सेक्टरों के शेयर इस समय अच्छे भाव पर भी मिल रहे हैं।
रेलवे, डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी में दिखेगी तेजी
पवन भराड़िया का ये भी मानना है कि रेलवे, डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी पर आधारित दूसरे शयरों में भी अगले कुछ सालों में अच्छी तेजी दिखनी चाहिए। कैपिल मार्केट में 20 सालों से ज्यादा ता अनुभव रखने वाले पवन की राय है कि ऑटो सेक्टर में ओईएम की तुलना में ऑटो एंसिलरी कंपनियों को ज्यादा वरीयता देनी चाहिए क्योंकि ऑटो एंसिलरी कंपनियां आटो ओईएम की तुलना में ज्यादा डाइवर्सिफाइड होती हैं। ऐसे में किसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में ऑटो एंसिलरी कंपनियां जोखिम से निपटने में ज्यादा सक्षम होती हैं।
अपेरल सेगमेंट में निवेश के अच्छे मौके
अपेरल (परिधान) सेगमेंट में आपका काफी निवेश है, इसके पीछे मुख्य तर्क क्या हैं? इसका जवाब देते हुए पवन भराड़िया ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़त और मांग में कमी के कारण कपड़ा और परिधान सेगमेंट में पिछले 18 महीनों से गिरावट आ रही है। लेकिन अब सेगमेंट तेजी के लिए तैयार दिख रहा है। इस सेक्टर को आगे चीन+1, एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते), घरेलू मांग में तेजी और सरकार की तरफ से मिल रहे नीतिगत सपोर्ट का अच्छा फायदा मिलेगा। इस सेगमेंट में हमें अगले कई वर्षों तक अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
पवन का मानना है कि कपड़ा और परिधान सेगमेंट के लिए एक्सपोर्ट के बड़े मौके दिख रहे हैं। एफटीए ( (मुक्त व्यापार समझौते) के चलते भारत और बांग्लादेश जैसे देशो के बीच ड्यूटी का अंतर कम हुआ है । दुनिया के तमाम देश अब चीन+1 रणनीति पर काम कर रहे हैं। इससे भारत के लिए एक्सपोर्ट के बड़े मौके बनेंगे।
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