सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी शुरू करने के पहले खोजने होंगे कई सवालों के जबाव: RBI रिपोर्ट

आरबीआई ने CBDCया सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के फायदे भी गिनाए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अपने बेसिक स्वरुप में यह करेंसी फिजिकल कैश का सुरक्षित मजबूत और सुविधा जनक विकल्प बन सकती है.

अपडेटेड Dec 28, 2021 पर 6:47 PM
आरबीआई ने कहा कि यह स्पष्ट करना होगा कि क्या CBDC को सीधे सेंट्रल बैंक या आरबीआई जारी करेगा या फिर इनको कमर्शियल बैंकों के जरिए जारी किया जाएगा।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने हालिया रिपोर्ट में कहा है कि पेमेंट सिस्टम में भारत की प्रगति उसके नागरिकों और वित्तीय संस्थाओं को स्टेट ऑफ द आर्ट (अत्याधुनिक) सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)बनाने में अहम भूमिका निभाएगी लेकिन इसको मान्यता देने और व्यवहार में लाने के पहले कुछ बड़े सवाल हैं जिनके जवाब खोजने होंगे।

माइक्रो इकोनॉमी नीति बनाने में इसके भारी प्रभाव को देखते हुए यह आवश्यक हो जाता है कि इसके लिए शुरुआत में एक बेसिक मॉडल अपनाया जाए और व्यापक रुप से इसका परिक्षण किया जाए। जिससे मौद्रिक नीति और बैकिंग सिस्टम पर इसका मामूली प्रभाव पड़े। इस प्रभाव के विश्लेषण के आधार पर ही आगे कोई निर्णय लिया जाए। आरबीआई ने 28 दिसंबर को जारी अपने ट्रेन्ड और प्रोग्रेस रिपोर्ट में यह बातें कही हैं।

इस रिपोर्ट में आरबीआई ने यह भी कहा है कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC)के लॉन्चिंग के पहले हमें कुछ मामलों में स्थितियां साफ करने की जरुरत है। हमें यह तय करना होगा कि CBDC सामान्य उद्देश्य के लिए होगी और क्या रिटेल सौदा में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा या फिर क्या इसका उपयोग थोक सौदों के मामलों में ही होगा।


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इसके अलावा यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या CBDC को सीधे सेंट्रल बैंक या आरबीआई जारी करेगा या फिर इनको कमर्शियल बैंकों के जरिए जारी किया जाएगा। कितनी मात्रा में इस तरह की करेंसी जारी की जाएगी और कैसे इनका वितरण होगा इसका मानक तय करना भी जरुरी है। इससे हमें इस करेंसी के लिए सही टेक्नोलॉजी चुनने में सहायता मिलेगी।

अपनी इस रिपोर्ट में आरबीआई ने CBDCया सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के फायदे भी गिनाए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अपने बेसिक स्वरुप में यह करेंसी फिजिकल कैश का सुरक्षित मजबूत और सुविधा जनक विकल्प बन सकती है। यह फाइनेंशियल इन्स्ट्रूमेंट बनकर भी उभर सकती है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर हम मुद्रा के वर्तमान स्वरुप से तुलना करें तो CBDC लिक्विडिटी, स्वीकार्यता, सौदे में सरलता और तेज सेटलमेंट के नजरिए से ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है।

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