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Excise duty on cigarettes : टोबैको इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर जताई आपत्ति, सरकार ने दी ये दलील

Excise duty on cigarettes : सरकार ने कहा है कि GST से पहले 100 स्टिक पर 1,585-4,170 रुपए तक एक्साइज ड्यूटी थी। GST के बाद 1000 स्टिक पर 5-10 रुपए की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इसपर GST और Compensation सेस लगने लगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 11:01 AM
Excise duty on cigarettes : टोबैको इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर जताई आपत्ति, सरकार ने दी ये दलील
सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से ITC लगातार दूसरे दिन टूटा है। यह शेयर दो दिनों में करीब 15 परसेंट फिसल चुका है। कई रेटिंग डाउनग्रेड के कारण आज ITC के शेयर 5% गिरकर 52-हफ्ते के नए निचले स्तर पर दिख रहे हैं

Excise duty on cigarettes : सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर सरकार ने अपनी दलील रखी है। टोबैको इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (TII) ने सरकार के फैसले पर हैरानी जताते हुए इस पर आपत्ति जताई है। सरकार की क्या है दलील है इस पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि सरकार की दलील है कि अन्य प्रोडक्ट के मुकाबले सिगरेट पर भारी टैक्स की नीति है। पिछले 7 साल में सिगरेट पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ी है।

सरकार ने आगे कहा कि GST से पहले 100 स्टिक पर 1,585-4,170 रुपए तक एक्साइज ड्यूटी थी। GST के बाद 1000 स्टिक पर 5-10 रुपए की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इसपर GST और Compensation सेस लगने लगा।

सरकार की दलील है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में सिगरेट पर ड्यूटी काफी कम है। UK और ऑस्ट्रेलिया में सिगरेट पर 80-85 फीसदी टैक्स लगता है।

यूरोपियन देशों में सिगरेट पर 75-80 टैक्स लगता है। WHO स्टैंडर्ड के तहत भारत में सिगरेट पर टैक्स कम है। WHO स्टैंडर्ड के मुताबिक सिगरेट पर 75 फीसदी ड्यूटी जरूरी है। भारत में सिगरेट पर करीब 53 फीसदी की ड्यूटी है। आय बढ़ाने के लिए सिगरेट पर ड्यूटी बढ़ाना जरूरी। टोबैको खपत से हेल्थकेयर की सालाना लागत 2.5 लाख करोड़ रुपए आती है।

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