नए हफ्ते के लिए ये शेयर एक्सपर्ट सुदीप शाह की टॉप चॉइस, निफ्टी के लिए रिकवरी में 23150-23200 की रेंज बन सकती है बड़ी रुकावट

सुदीप शाह का कहना है कि बाजार में आने वाली कोई भी छोटी-मोटी तेजी सिर्फ सुधार के तौर पर ही देखी जाएगी, न कि किसी बड़े और लंबे समय तक चलने वाले ट्रेंड की शुरुआत के तौर पर। निफ्टी 50 इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेस से नीचे बना हुआ है, और मोमेंटम इंडिकेटर लगातार गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं

अपडेटेड Mar 29, 2026 पर 12:25 PM
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महीने के आधार पर, निफ्टी बेंचमार्क इंडेक्स में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

शेयर बाजार में इस वक्त ऐसा पैटर्न दिख रहा है, जिसमें कुछ ही ट्रेडिंग सत्रों तक चलने वाली रिकवरी होती है। उसके बाद अचानक गैप-डाउन ओपनिंग होती है और बिकवाली का दबाव लौट आता है। यह खींचतान अस्थिरता को बढ़ा रही है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि निफ्टी के लिए अपसाइड में 23,150–23,200 की रेंज रिकवरी की किसी भी कोशिश में बड़ी रुकावट बन सकती है।

विदेशी निवेशकों के मामले में कहा कि जब तक डॉलर की मजबूती कम नहीं होती और भू-राजनीतिक हालात में सुधार नहीं होता, तब तक FII की बिकवाली जारी रह सकती है। शाह ने और क्या एक्सपर्ट एडवाइस दी और नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडिया क्या हैं, आइए जानते हैं...

हाल ही में बाजार में आई उथल-पुथल को देखते हुए, क्या आपको लगता है कि मंदी का दौर अगले सप्ताह भी बाजार पर हावी रहेगा और 22,000 के स्तर को टारगेट करेगा?


अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण बाजार में आई भारी बिकवाली के बाद से एक अनुमान लगाया जा सकने वाला और रिपीट होने वाला पैटर्न उभर कर सामने आया है। बाजार में कुछ ही ट्रेडिंग सत्रों तक चलने वाली रिकवरी होती है, जिसके बाद अचानक गैप-डाउन ओपनिंग होती है। ये कम वक्त तक रहने वाले उछाल एक भ्रामक शांति का एहसास कराते हैं। इससे ऐसे ट्रेडर आकर्षित होते हैं, जिन्हें लगता है कि वे मौका चूक गए हैं और मंदी का दौर खत्म हो गया है। लेकिन हर बार, यह आशावाद प्रीमैच्योर ही साबित होता है, बिकवाली का दबाव तेजी से लौट आता है, अक्सर कुछ ही दिनों में आक्रामक गैप-डाउन के रूप में। इससे जो मुख्य सवाल उठता है वह यह है: क्या ये उछाल वास्तव में एंट्री पॉइंट हैं, या अगली गिरावट से पहले खरीदारों को लुभाने के लिए बनाए गए जाल मात्र हैं?

यह खींचतान, क्षणिक आशा का अचानक गिरावट से चकनाचूर होना, अस्थिरता को बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से कम वक्त के लिए पैसा लगाने वालों और लीवरेज के साथ ट्रेडिंग करने वालों को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा रहा है। बाजार की लगातार बिगड़ती स्थिति, बढ़त को बरकरार रखने में असमर्थता, बेहद नाजुक बाजार भावना को दर्शाती है, जहां मामूली नकारात्मक घटनाक्रम भी भारी बिकवाली को जन्म दे सकते हैं। इस माहौल में सबसे बढ़कर है— कठोर अनुशासन और सावधानीपूर्वक जोखिम प्रबंधन।

महीने के आधार पर, निफ्टी बेंचमार्क इंडेक्स में 9 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। यह 2020 की महामारी के दौरान आई मंदी के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इसके अलावा, वैश्विक गैस आपूर्ति में व्यवधान ऊर्जा पर निर्भर उद्योगों के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। इससे इनपुट लागत बढ़ रही है, मार्जिन कम हो रहा है और निवेश संबंधी फैसले लेने में देरी हो रही है। ये सभी फैक्टर मिलकर आय के आउटलुक को धूमिल कर रहे हैं और निवेशकों के विश्वास को कम कर रहे हैं। इसे आय अनुमानों में और भी गिरावट का जोखिम बना हुआ है।

तकनीकी दृष्टिकोण से, पिछले सप्ताह से ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। निफ्टी 50 इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेस से नीचे बना हुआ है, और मोमेंटम इंडिकेटर लगातार गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं। यह निरंतर मंदी के रुझान को दर्शाता है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि मौजूदा अस्थिरता और बाजार के नाजुक माहौल को देखते हुए, अगले दो से तीन हफ्तों में इन सेगमेंट्स में कीमतों के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। स्मॉल कैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन भ्रामक हो सकता है, और बाजार का नेतृत्व आमतौर पर तभी बदलता है जब ब्रॉडर लेवल पर विश्वास वापस आने लगता है।

लेवल्स के हिसाब से, 22,650–22,600 का बैंड Nifty के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर इंडेक्स 22,600 के नीचे मजबूती से टूटता है, तो अगले डाउनसाइड टारगेट 22,400 और फिर 22,200 होंगे। ऊपर की तरफ, 23,150–23,200 की रेंज रिकवरी की किसी भी कोशिश में बड़ी रुकावट बन सकती है।

क्या FII की पोजिशनिंग से साफ पता चलता है कि आने वाले कुछ हफ्तों तक बाजार में कमजोरी बनी रहेगी?

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में अपनी जोरदार बिकवाली जारी रखी है। शुक्रवार को उन्होंने 4,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और लगातार 20 सेशन तक बिकवाली का सिलसिला जारी रखा। इसकी वजह से मौजूदा महीने में कुल आउटफ्लो बढ़कर 1,22,379 करोड़ रुपये के बड़े आंकड़े तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि बाजार में थोड़ी-बहुत रिकवरी के दौरान भी FII बिकवाली करते रहे। इससे संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशकों को बाजार में किसी भी बड़ी या लंबे समय तक चलने वाली तेजी पर भरोसा नहीं है।

डेरिवेटिव्स के नजरिए से देखें तो, मार्च की शुरुआत से ही लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 10–15 प्रतिशत की रेंज में बना हुआ है। इससे इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजिशंस का दबदबा साफ दिखता है। अब तक शॉर्ट कवरिंग के बहुत कम सबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि बाजार में मंदी का माहौल अभी भी काफी गहरा है।

मैक्रो मोर्चे पर, भारतीय रुपया शुक्रवार को कमजोर होकर इंट्राडे में अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 94.96 पर पहुंच गया। 28 फरवरी को भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद से इसमें 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। रुपये में लगातार कमजोरी दर्शाती है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है। यह आम तौर पर FII के सेंटीमेंट को कमजोर करता है और इसकी वजह से उनकी सेलिंग जारी रह सकती है। जब तक डॉलर की मजबूती में साफ तौर पर कमी नहीं आती और भू-राजनीतिक हालात में सुधार नहीं होता, तब तक FII की ओर से बिकवाली जारी रह सकती है। इससे नजदीकी भविष्य में बाजार में गिरावट का जोखिम बना रहेगा।

मौजूदा गिरावट में आप अगले हफ्ते के लिए किन दो स्टॉक्स को खरीदने पर विचार करेंगे?

Lupin: ल्यूपिन ने ₹2,240–₹2,260 के सपोर्ट जोन से लगातार रिकवरी देखी है। मार्च की शुरुआत से यह जोन कई बार मजबूती से टिका रहा है, जो स्टॉक में खरीदारी की अच्छी दिलचस्पी को दिखाता है। MACD पर सिकुड़ता हुआ लाल हिस्टोग्राम तेजी का संकेत देता है। यह स्टॉक अपने मुख्य शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसके तेजी के ट्रेंड को और मजबूत करता है।

इसके अलावा ल्यूपिन/निफ्टी रेश्यो चार्ट में एक नया ब्रेकआउट, मजबूत रिलेटिव आउटपरफॉर्मेंस दिखाता है। इसलिए, हम स्टॉक को ₹2,340-₹2,320 के जोन में ₹2,265 के स्टॉप-लॉस के साथ जमा करने की सलाह देते हैं। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,500 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Anthem Biosciences: एंथम बायोसाइंसेज 12 मार्च से ₹649–₹625 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा था। अब वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी से इसने एक निर्णायक कंसोलिडेशन ब्रेकआउट दिया है। RSI यानि कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स तेजी से 40 से बढ़कर लगभग 60 पर पहुंच गया है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देता है।

इसके अलावा, ADX पर DI+ का DI- से ऊपर जाना बढ़ते बायर डॉमिनेंस को दिखाता है। सिग्नल लाइन के ऊपर MACD क्रॉसओवर पॉजिटिव मोमेंटम को और मजबूत करता है, जिससे पता चलता है कि तेजी शॉर्ट टर्म में बनी रह सकती है। इसलिए, हम इस स्टॉक को ₹660 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹683-₹678 के जोन में जमा करने की सलाह देते हैं। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹730 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

क्या आपने Emcure Pharma में हेड-एंड-शोल्डर्स पैटर्न का ब्रेकआउट देखा है? अगर हां, तो क्या आपको उम्मीद है कि रैली आगे भी जारी रहेगी?

Emcure Pharma ने डेली चार्ट पर एक अहम हेड एंड शोल्डर्स नेकलाइन ब्रेकआउट दिया है, जो ट्रेंड में एक मजबूत बदलाव दिखाता है। ₹1,580–₹1,590 के जोन ने लिस्टिंग के बाद से तीन मौकों पर एक मजबूत रुकावट का काम किया था। लेकिन अब वॉल्यूम में अच्छी बढ़त के साथ यह जोन ब्रेक हो चुका है। RSI ऊपर की ओर ट्रेंड कर रहा है और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी बाहर निकल गया है। यह मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देता है। ADX पर DI+ का DI- से ऊपर जाना साफ तौर पर खरीदार के दबदबे को दिखाता है। इसके अलावा, MACD ऊपर की ओर झुका हुआ है और जीरो लाइन से काफी ऊपर है, जिससे पॉजिटिव आउटलुक और मजबूत होता है। जब तक स्टॉक ₹1,580 से ऊपर है, तब तक तेजी का रुझान और बढ़ने की संभावना है।

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क्या आपको उम्मीद है कि Oracle Financial Services Software और Supreme Petrochem में अगले हफ्ते भी तेजी रहेगी?

Oracle Financial Services फरवरी 2026 के मध्य से ₹7,062–₹6,235 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। स्टॉक शुक्रवार को इंट्राडे में अपने 50-दिन के EMA से ऊपर चला गया लेकिन टिक नहीं पाया, और इसके नीचे बंद हुआ। यह ऊंचे लेवल पर बिकवाली के दबाव का संकेत है। इंडिकेटर कुछ सुधार दिखाते हैं, RSI ऊपर जा रहा है और DI+, DI- से ऊपर जा रहा है। स्टॉक का अभी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से कोई बड़ा ब्रेकआउट देना बाकी है। 50-दिन के EMA के पास रिजेक्शन लगातार प्रॉफिट बुकिंग का संकेत देता है। किसी भी अच्छे पुलबैक के लिए स्टॉक का 50-दिन के EMA और रेंज के ऊपरी सिरे दोनों से ऊपर लगातार मूव करना जरूरी है।

दूसरी तरफ, Supreme Petrochem ने अपने ₹747–₹631 के कंसोलिडेशन जोन से ब्रेकआउट दिया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। RSI 60 से ऊपर है और बढ़ रहा है, जबकि MACD क्रॉसओवर बुलिश मोमेंटम को मजबूत करता है। फॉलो-थ्रू मूव के रूप में लगातार खरीदारी की दिलचस्पी से तेजी का एक नया दौर शुरू हो सकता है।

अगले हफ्ते के लिए आपकी ट्रेडिंग रणनीति क्या होगी, खासकर जब मंथली एक्सपायरी भी आने वाली है?

मौजूदा प्राइस स्ट्रक्चर और चल रहे ट्रेंड को देखते हुए, हम "तेजी पर बेचने" (Sell on Rise) की रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं। बाजार में आने वाली कोई भी छोटी-मोटी तेजी (Pullback) सिर्फ सुधार के तौर पर ही देखी जाएगी, न कि किसी बड़े और लंबे समय तक चलने वाले ट्रेंड की शुरुआत के तौर पर।

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