टोरेंट पावर लिमिटेड, नाभा पावर लिमिटेड में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर रही है। इसके लिए टोरेंट पावर ने L&T पावर डेवलपमेंट लिमिटेड के साथ 6889 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर एक समझौता किया है। नाभा पावर लिमिटेड, L&T पावर डेवलपमेंट लिमिटेड के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी है। L&T पावर डेवलपमेंट लिमिटेड, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी L&T की सब्सिडियरी है। सौदे पर अभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां लिया जाना बाकी है।
अधिग्रहण पूरा होने के बाद टोरेंट की ऑपरेशनल कैपेसिटी 5 गीगावाट से बढ़कर 6.4 गीगावाट हो जाएगी। टोरेंट समूह के चेयरमैन समीर मेहता ने कहा कि नाभा पावर हमारे पोर्टफोलियो में एक स्थापित ऑपरेटिंग एसेट जोड़ेगी। कंपनी का ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। यह अधिग्रहण पहले दिन से ही वैल्यू बढ़ाने वाला होगा और कुल रेवेन्यू व प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छी बढ़ोतरी करेगा।
L&T के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा, ‘‘नाभा पावर का विनिवेश L&T के उस रणनीतिक उद्देश्य के अनुरूप है, जिसके तहत हम अपने मजबूत कोर बिजनेसेज को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर कर रहे हैं। यह कदम हमारे बिजनेस पार्टनर्स, शेयरधारकों और कर्मचारियों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट करने में सहायक होगा।’’
2014 में शुरू हुई थी नाभा पावर
नाभा पावर की शुरुआत 2014 में की गई थी। इसके पास पंजाब के राजपुरा (पाटियाला जिला) में 1,400 मेगावाट (2×700 मेगावाट) के सुपरक्रिटिकल कोयला बेस्ड थर्मल पावर प्लांट का मालिकाना हक है। यह इसका संचालन भी करती है। कंपनी का वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू 4,866 करोड़ रुपये और एडजस्टेड EBITDA 1,153 करोड़ रुपये रहा। टोरेंट पावर लगभग 45,000 करोड़ रुपये के टोरेंट ग्रुप की इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी है। यह देश के पावर सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है।
Torrent Power के शेयर में 16 फरवरी को तेजी है। दिन में BSE पर शेयर लगभग 1 प्रतिशत तक उछलकर 1476.90 रुपये के हाई तक गया। बाद में शेयर 0.25 प्रतिशत बढ़त के साथ 1466.95 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 73900 करोड़ रुपये है। शेयर 2 सप्ताह में 10 प्रतिशत उछला है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5,096.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 712.16 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू 21,912.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,851.01 करोड़ रुपये रहा।