Market cues : 23000 के लेवल पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट मौजूद, आने वाले सेशंस में मंदड़ियों का पलड़ा रहेगा भारी

Nifty Trade setup : ऐसा लग रहा है कि आने वाले सेशंस में 'बेयर्स' (Bears) बाज़ार पर अपनी पकड़ मज़बूत बनाए रखेंगे। मुमकिन है कि वे Nifty 50 को इसके तत्काल सपोर्ट लेवल 23,500 से नीचे धकेल दें,जिससे 23,200–23,000 के ज़ोन के लिए रास्ता खुलने का एक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है

अपडेटेड Mar 13, 2026 पर 1:19 PM
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Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 12 मार्च को बढ़कर 0.86 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.83 था

Market Trade setup : 12 मार्च को निफ्टी 511 महीनों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया और लगभग 1 प्रतिशत गिर गया। ईरान के नए सुप्रीम लीडर,मोजतबा खामेनेई के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद रहना चाहिए,जिससे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। यहां तक कि तकनीकी और मोमेंटम इंडिकेटर्स ने भी 'सेल' (बिकवाली) का संकेत दे रहे है। इसलिए,ऐसा लग रहा है कि आने वाले सेशंस में 'बेयर्स' (Bears) बाज़ार पर अपनी पकड़ मज़बूत बनाए रखेंगे। मुमकिन है कि वे Nifty 50 को इसके तत्काल सपोर्ट लेवल 23,500 से नीचे धकेल दें,जिससे 23,200–23,000 के ज़ोन के लिए रास्ता खुलने का एक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

खास बात यह है कि 23,000 के लेवल पर सबसे ज़्यादा 'पुट ओपन इंटरेस्ट'(Put open interest) मौजूद है। हालांकि, बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि 23,700–23,800 का दायरा इस समय इंडेक्स के लिए तत्काल 'रेसिस्टेंस'(बाधा) का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,570, 23,505 और 23,399

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,782, 23,847 और 23,953

Nifty ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें एक लंबी ऊपरी शैडो और एक छोटी निचली शैडो थी। इसके साथ ही,इसमें 'लोअर हाई–लोअर लो'पैटर्न भी बना,जो यह संकेत देता है कि ऊपरी स्तरों पर लगातार दबाव बना हुआ है। हालांकि निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी की दिलचस्पी भी देखने को मिली। सभी मूविंग एवरेज ने नीचे की ओर अपना रुख बनाए रखा,जबकि 50-दिन का EMA, 200-दिन के EMA के और करीब पहुंच रहा है,जिससे 'डेथ क्रॉस'बनने की संभावना बढ़ गई है। RSI गिरकर 28.02 पर आ गया,जबकि MACD अप्रैल 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही,लाल हिस्टोग्राम बार में और विस्तार हुआ (जो मार्च 2020 के बाद से अब तक का सबसे बड़ा लाल बार है)। ये सभी संकेत इंडेक्स में एक मज़बूत बेयरिश मोमेंटम और लगातार बिकवाली के दबाव की ओर इशारा करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,501, 55,708, और 56,042

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 54,831, 54,625, और 54,290

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,414, 57,436

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 53,562, 51,317

Bank Nifty ने भी सोमवार के निचले स्तर को तोड़ दिया और डेली चार्ट पर Nifty जैसा ही एक कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जबकि सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर ट्रेंड कर रहे थे। 20-दिन के EMA ने 100-दिन के EMA के साथ एक बेयरिश क्रॉसओवर दिखाया और यह पहले से ही 50-दिन के EMA से नीचे है। जबकि 'लोअर हाई–लोअर लो'फॉर्मेशन अभी भी बना हुआ है। RSI गिरकर 26.71 (ओवरसोल्ड ज़ोन में) पर आ गया और MACD मार्च 2022 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, साथ ही लाल हिस्टोग्राम बार में और विस्तार हुआ (मार्च 2020 के बाद से यह सबसे बड़ा लाल बार है)। Stochastic RSI ने सोमवार से ही ओवरसोल्ड ज़ोन में एक पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखा है। यह सब लगातार बने बेयरिश मोमेंटम का संकेत देता है,हालांकि ओवरसोल्ड स्थितियां बीच-बीच में पुलबैक को ट्रिगर कर सकती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX ऊपर की ओर बढ़ता रहा और 2.16 प्रतिशत बढ़कर 21.52 के स्तर पर पहुंच गया। यह 'बुल'(तेजी लाने वालों) के लिए बढ़े हुए जोखिम का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 12 मार्च को बढ़कर 0.86 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.83 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL, Sammaan Capital

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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