Market cues : 23500–23600 की दीवार पार होने पर 23800–24000 का स्तर मुमकिन, 23000–22950 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : आगे चलकर,तेज़ी के इस रुझान का बने रहना ही सबसे अहम बात होगी। कुल मिलाकर,बाज़ार का स्ट्रक्चर अभी भी 'बेयर्स'(मंदड़ियों)के पक्ष में है और सबका ध्यान तेल की कीमतों पर बना हुआ है। साथ ही,अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच, ट्रेडर 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' से जुड़ी घटनाओं पर भी बारीकी से नज़र रखे हुए हैं

अपडेटेड Mar 17, 2026 पर 8:10 AM
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Trade Setup : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले तीन सत्रों में आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद 4.6 प्रतिशत गिरकर 21.6 पर आ गया,जिससे 'बुल'को कुछ राहत मिली है

Nifty Trade setup : Nifty पिछले लगातार तीन सेशन में 4.6 फीसदी गिरने के बाद,16 मार्च को 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त के साथ 23,400 के ऊपर बंद हुआ। हालांकि,आगे चलकर इस तेज़ी का बने रहना ही सबसे अहम बात होगी। कुल मिलाकर,बाज़ार का रुख अभी भी 'बियर्स'(गिरावट लाने वालों) के पक्ष में है और सबका ध्यान तेल की कीमतों पर बना हुआ है। ट्रेडर्स अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' से जुड़ी घटनाओं पर नज़र रखे हुए हैं

अगर इंडेक्स अपनी तेज़ी जारी रखता है तो इसे 23,500–23,600 पर तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा,जिसके बाद 23,800–24,000 का स्तर अहम होगा जो किसी भी और बड़ी तेज़ी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस साबित होगा। हालांकि,बाजार जानकारों का ये भी कहना है कि 23,000–22,950 का स्तर तत्काल 'सपोर्ट' का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,075, 22,742 और 22,529

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,622, 23,835 और 24,169

Nifty ने ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में तेज़ी से रिकवरी के बाद,डेली चार्ट पर ऊपरी और निचले हिस्से में छोटी-छोटी शैडो वाली एक लंबी बुल कैंडल बनाई। यह इस बात का संकेत है कि निचले सपोर्ट लेवल से 'बुल'(खरीदारों) ने पलटवार किया है। इंडेक्स 15 अप्रैल, 2025 के लंबे बुलिश गैप के ऊपर वापस चढ़ गया। हालांकि,'लोअर हाई–लोअर लो' का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है,जबकि सभी मूविंग एवरेज अभी भी नीचे की ओर जा रहे हैं। अब 50-दिन का EMA, 200-दिन के EMA से नीचे गिर गया है। RSI बढ़कर 29.68 पर पहुंच गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD गिरकर छह साल के नए निचले स्तर पर पहुंच गया,जबकि हिस्टोग्राम ज़ीरो लाइन से नीचे ही रहा,हालांकि कमज़ोरी थोड़ी कम हुई है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि छोटी अवधि की तेज़ी के बावजूद,बड़ा ट्रेंड अभी भी कमज़ोर बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,966, 55,518 और 56,372

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,560, 52,706 और 52,154

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,323, 56,573

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 53,084, 50,721

बैंक निफ्टी ने भी डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी हरी कैंडल बनाई,जिसके ऊपर और नीचे छोटी-छोटी शैडो थीं। यह सपोर्ट लेवल से वापसी का संकेत है। हालांकि, 'लोअर टॉप–लोअर बॉटम'का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है। सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुक रहे हैं,जबकि RSI 23 के लेवल से बढ़कर 28.24 पर पहुंच गया है,लेकिन यह सिग्नल लाइन से काफी नीचे ही रहा। MACD छह साल के नए निचले स्तर पर पहुंच गया और हिस्टोग्राम ज़ीरो लाइन के नीचे ही बना रहा, हालांकि गिरावट में थोड़ी कमी आई है। यह सब इस बात का संकेत है कि रिकवरी के बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी 'बियर्स' (मंदी) के पक्ष में है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले तीन सत्रों में आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद 4.6 प्रतिशत गिरकर 21.6 पर आ गया,जिससे 'बुल' (तेज़ी लाने वालों) को कुछ राहत मिली है। हालांकि,कुल मिलाकर यह अभी भी ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है। 'बुल' को और अधिक राहत देने के लिए इसे 18 से नीचे गिरना होगा,जबकि 13 से नीचे की गिरावट 'बुलिश' (तेज़ी के) रुझान के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 16 मार्च को बढ़कर 1.03 हो गया, जबकि पिछले सत्र में यह 0.75 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL, Sammaan Capital

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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