Trade setup for today : आने वाले कुछ दिन 24000-24600 की सीमित दायरे में घूमता रहेगा निफ्टी
Nifty Trade setup : आने वाले कारोबारी सत्रों में,निफ्टी 24,000-24,600 के रेंज में कारोबार कर सकता है जो पिछले सप्ताह के हाई-लो के आसपास है
MoneyControl News
अपडेटेड May 05, 2025 पर 8:52 AM
Trade Setup : बैंक निफ्टी में 55,500 की स्ट्राइक पर 10.65 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा
Market Trade setup : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वोलैटिलीटी के बढ़ने के कारण ऊपर स्तरों पर दबाव देखने को मिला। इसके चलते 2 मई को बाजार लगातार तीसरे सत्र में सपाट बंद हुआ। बेंचमार्क निफ्टी अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। इससे मार्केट में हेल्दी ट्रेंड बरकरार रहा। आने वाले कारोबारी सत्रों में,निफ्टी 24,000-24,600 के रेंज में कारोबार कर सकता है जो पिछले सप्ताह के हाई-लो के आसपास है। इसके ऊपरी सीमा से ऊपर कोई मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर निफ्टी 24,860 (दिसंबर 2024 स्विंग हाई) की ओर जा सकता है, जबकि निचली सीमा से नीचे एक ब्रेकडाउन इसे 23,850 (हालिया स्विंग लो) तक खींच सकता है,जो एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक बड़ा सपोर्ट है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,257, 24,175 और 24,041
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,525, 24,608 और 24,742
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,534, 55,698, और 55,965
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 55,001, 54,836, और 54,570
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,307, 58,648
फिबोनैचि रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,117, 52,891
निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
मंथली बेसिस पर 25,000 की स्ट्राइक पर 1 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
24,000 की स्ट्राइक पर 68.01 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी कॉल ऑप्शन डेटा
बैंक निफ्टी में 55,500 की स्ट्राइक पर 10.65 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
बैंक निफ्टी पुट ऑप्शन डेटा
54,000 की स्ट्राइक पर 11.57 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा।
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 18 अंक से ऊपर बना रहा और 2 मई को 18.26 पर बंद हुआ। यह सभी मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा, जो बुल्स के लिए और अधिक सावधानी बरतने का संकेत है।
हाई डिलिवरी ट्रेड
यहां वे स्टॉक दिए गए हैं जिनमें डिलीवरी ट्रेड का सबसे बड़ा हिस्सा देखने को मिला। डिलीवरी का बड़ा हिस्सा स्टॉक में निवेशको (ट्रेडिंग के विपरीत) की रुचि को दर्शाता है।
35 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 35 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
51 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 51 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने को मिली।
88 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 88 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला।
47 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर पिछले कारोबारी दिन 92 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 2 मई को गिरकर 0.91 पर रहा, जबकि पिछले सत्र में यह 1.16 के स्तर पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: आरबीएल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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