Market cues : टेक्निकल इंडीकेटर दे रहे अच्छे संकेत, नियर टर्म में और तेजी आने की संभावना
Trade setup for today : आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी अपने 200-डे EMA को फिर से हासिल कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर टिका रहता है तो 24,000–24,200 के जोन तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, 23500–23000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है
Trade Setup : बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव के मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स,इंडिया VIX 1.44 प्रतिशत बढ़कर 15.72 पर पहुंच गया है। इसमें लगातार तीसरे सत्र में तेजी देखी गई है
Trade setup for today : 3 नवंबर को निफ्टी में 1.58 प्रतिशत की तेजी आई। इसमें लगातार चौथे सत्र में भी बढ़त का रुझान दिखा। मजबूत गैप-अप ओपनिंग,लगातार बनी रही तेजी,ब्रॉडर मार्केट के स्ट्रक्चर में सुधार (जो मंदी से तेजी की ओर बदलाव का संकेत है),कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, और FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) के लगातार हो रहे निवेश जैसे पॉजिटिव फैक्टर्स ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया।
ये पॉजिटिव फैक्टर निफ्टी के आने वाले सत्रों में अपने 200-डे EMA (जो लगभग 23,900 के स्तर पर है) को फिर से हासिल करने की संभावना को मजबूत किया है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिका रहता है तो यह 24,000–24,200 की ओर और तेजी के रास्ते खोल सकता है। यह दायरा एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि किसी गिरावट की स्थिति में 23,500–23,600 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23,811) के लिए महत्वपूर्ण स्तर
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,827, 23,904 और 24,029
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,576, 23,499 और 23,373
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
निफ्टी ने गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो थी। यह बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है। हाल के सत्रों में 50 और 20 डे EMA के ऊपर जाने के बाद इंडेक्स ने 100-डे EMA को भी वापस हासिल कर लिया है। शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर झुके हुए हैं,जबकि बोलिंगर बैंड दोनों तरफ और फैल गए हैं। ये बढ़ती वोलैटिलिटी का संकेत देते हैं। इंडेक्स ने 24,774 से 22,180 तक की गिरावट के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर को भी स्पष्ट रूप से पार कर लिया। RSI बढ़कर 66.59 पर पहुंच गया, जबकि MACD 26 अगस्त के बाद पहली बार ज़ीरो लाइन के ऊपर आ गया। साथ ही,इसका हरा हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सत्र में और बड़ा हो गया। कुल मिलाकर,ये तकनीकी इंडीकेटर मजबूत होते बुलिश मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं और निकट भविष्य में और तेजी आने की संभावना जता रहे हैं।
बैंक निफ्टी (55,540) के लिए महत्वपूर्ण स्तर
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,700, 55,834 और 56,049
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,269, 55,135 और 54,920
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,173, 56,775
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,035
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
बैंक निफ्टी में गैप-अप ओपनिंग के बाद 1 प्रतिशत की तेजी आई। डेली टाइमफ्रेम पर इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ स्पष्ट शैडो (परछाई) दिख रही है। यह बुल्स और बियर्स के बीच अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है। इंडेक्स अपने 50-दिन के EMA के करीब पहुंच गया है,जबकि यह अपनी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के काफी ऊपर बना हुआ है,जो लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। RSI और बढ़कर 53.84 पर पहुंच गया,जबकि MACD ने अपनी ऊपर की ओर की चाल जारी रखी और बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। इसके अलावा, लगातार तीसरे सेशन में हरे रंग का हिस्टोग्राम बार और बड़ा हो गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत देते हैं। हालांकि एक छोटी बॉडी वाली कैंडल का बनना ऊपरी स्तरों पर कुछ अनिश्चितता को दर्शाता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सत्र में भी अपनी खरीदारी जारी रखी और 3 नवंबर को 6,836 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सत्र में बिकवाली जारी रखी और 3,678 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इंडिया VIX
बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव के मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स,इंडिया VIX 1.44 प्रतिशत बढ़कर 15.72 पर पहुंच गया है। इसमें लगातार तीसरे सत्र में तेजी देखी गई है। यह अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना हुआ है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव की अधिक संभावनाओं का संकेत है। VIX में लगातार हो रही यह बढ़त बताती है कि इक्विटी बाजार में तेजी का माहौल होने के बावजूद, बाजार में सतर्कता है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 नवंबर को गिरकर 1.2 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.4 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)
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