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Market cues : मिडिल ईस्ट की घटनाओं का दिखेगा असर, एक दायरे में ही कंसोलीडेट हो सकता है बाजार

Nifty Trade setup : बाज़ार के तब तक एक कंसोलीडेशन और रेंजबाउंड दौर में बने रहने की उम्मीद है,जब तक अमेरिका,ईरान और इज़राइल किसी औपचारिक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं करते। Nifty 50 के लिए 24000 पर तत्काल रेजिस्टेंस नज़र आ रहा है। 24,000 के ऊपर की एक मज़बूत बढ़त ही 24,200–24,300 के टारगेट का रास्ता खोल सकती है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 10, 2026 पर 7:59 AM
Market cues : मिडिल ईस्ट की घटनाओं का दिखेगा असर, एक दायरे में ही कंसोलीडेट हो सकता है बाजार
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 अप्रैल को गिरकर 0.97 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.13 था

Trade setup for today : कल पिछले छह कारोबारी सत्रों में पहली बार Nifty 50 में गिरावट देखने को मिली। 9 अप्रैल को प्रॉफ़िट बुकिंग के चलते इसमें लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई। इस बीच,अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के लिए जारी सीज़फ़ायर पर भी सबकी नज़र बनी हुई है। सीज़फ़ायर की ख़बर के बाद तकनीकी स्थिति में सुधार आया और इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा। हालांकि,बाज़ार के तब तक एक कंसोलीडेशन और रेंजबाउंड दौर में बने रहने की उम्मीद है,जब तक अमेरिका,ईरान और इज़राइल किसी औपचारिक समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं करते। Nifty 50 के लिए पहला रेजिस्टेंस 24,000 पर दिख रहा है। इस लेवल से ऊपर एक मज़बूत बढ़त ही 24,200–24,300 तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती है। बाजार जानकारों का कहना है कि नीचे की तरफ 23,500–23,450 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,699, 23,626 और 23,508

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