Market cues : सुस्त चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रहेगा बाजार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर
Trade setup for today : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,135 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है और इसके बाद 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल सपोर्ट का काम करेगा। ऊपर की तरफ,24,350-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है
Trade Setup : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार आठवें सेशन में भी 14 के लेवल से नीचे ही रहा और 1.29% गिरकर 12.98 पर आ गया
Trade setup for today : 20 जुलाई को सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के दौरान बिकवाली के दबाव की वजह से निफ्टी में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई और इसने पिछले दिन हुई बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया। कुल मिलाकर,इंडेक्स शुक्रवार के 24,100-24,370 के दायरे में ही ट्रेड करता रहा और लगातार दूसरे सेशन में क्लोजिंग के आधार पर 24,135 पर अपने 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) को बनाए रखा,जो उस दिन के निचले स्तर के आसपास था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,135 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है और इसके बाद 24,000 का साइकोलॉजिकल लेवल सपोर्ट का काम करेगा। ऊपर की तरफ,24,350-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है। इसके पार होने पर 24,500-24,600 (पिछले स्विंग हाई)की ओर बढ़त का रास्ता खुल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,164, 24,133 और 24,083
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,263, 24,294 और 24,344
डेली टाइमफ्रेम पर,निफ्टी ने शुक्रवार की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर एक स्मॉल बुलिश कैंडल बनाई। इससे'इनसाइड-डे पैटर्न'का संकेत मिला,जो थोड़ी कमजोरी के साथ सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में उतार-चढ़ाव को दिखाता है। इंडेक्स ने क्लोजिंग के आधार पर अपने 10-दिन और 100-दिन के EMA को बनाए रखा और 20-दिन व 50-दिन के EMA से काफी ऊपर रहा। इससे संकेत मिलता है कि सीमित दायरे में ट्रेडिंग के दौरान कमजोरी के बावजूद शॉर्ट-टर्म बुलिश ट्रेंड बरकरार है।
मोमेंटम इंडिकेटर भी कंसोलिडेशन की ओर इशारा कर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 55.58 पर आ गया है और पिछले सेशन में पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद अब इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया है। ये सभी बातें बताती हैं कि जब तक इंडेक्स किसी भी तरफ मजबूती से ब्रेक नहीं करता,तब तक यह हल्की पॉजिटिव चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रह सकता है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,084, 58,220 और 58,441
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,642, 57,506 और 57,285
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441
पिछले सेशन में जबरदस्त तेजी के बाद कल बैंक निफ़्टी में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई। इसने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ग्रीन कैंडल बनाई,जो नेगेटिव बायस के साथ उतार-चढ़ाव वाली और एक दायरे में सीमित ट्रेडिंग का संकेत देती है। कमजोरी के बावजूद, बैंकिंग इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफ़ी ऊपर बना रहा,जो लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। असल में,इंडेक्स मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक आई हालिया तेजी के 23.6 प्रतिशत फ़ाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो लगभग 57,300 के आसपास है) से भी ऊपर बना रहा।
RSI 54.92 पर एक दायरे में बना रहा,जबकि MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा और रेड हिस्टोग्राम बार के साथ रेफरेंस लाइन के नीचे रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि शॉर्ट-टर्म का बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि अगली दिशा तय होने से पहले कुछ समय तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।
20 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,121 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,312 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार आठवें सेशन में भी 14 के लेवल से नीचे ही रहा और 1.29% गिरकर 12.98 पर आ गया। कुल मिलाकर,यह उतार-चढ़ाव में किसी ऐसी खतरनाक बढ़ोतरी का संकेत नहीं दे रहा है जिससे तेज़ी का माहौल (बुलिश सेंटीमेंट) खराब हो सके। असल में,जब तक वोलैटिलिटी इंडेक्स 15 के लेवल से नीचे रहता है,तब तक तेज़ी की उम्मीद रखने वालों (बुल्स) के लिए किसी बड़े जोखिम की संभावना नहीं है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 जुलाई को पिछले सेशन के 1.42 से गिरकर 1.28 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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