Market cues : 23800-24300 के दायरे में ही ऊपर-नीचे होता रहेगा निफ्टी, 24000 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट
Trade setup :निफ्टी को किसी भी एक दिशा में मजबूत चाल पकड़ने के लिए 23,800-24,300 की रेंज के किसी भी तरफ ब्रेकआउट करना होगा। ऐसा होने तक इसी रेंज में कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करेगा
Trade Setup : बैंकिंग इंडेक्स 1.15 प्रतिशत गिरकर पिछले दिन के क्लोजिंग लो से नीचे आ गया। डेली चार्ट पर इसने एक'बेयरिश कैंडल'बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो थी। इससे पता चलता है कि तीन दिन की तेजी के बाद अब प्रॉफिट बुकिंग हो रही है
Trade setup for today : 14 जुलाई को मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की बढ़ती कीमतों और सीमित दायरे में कारोबार के बीच,निफ्टी की लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया और यह 0.66 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। पिछले चार सेशन से यह इंडेक्स 23,800-24,300 के दायरे में बना हुआ है। किसी भी तरफ मज़बूत चाल के लिए इस दायरे को तोड़ना जरूरी है। ऐसा होने तक इसी दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।
बाजार के जानकारों का कहना है कि तकनीकी रूप से मोमेंटम इंडीकेटर्स निकट भविष्य में साइडेवेज ट्रेंड के संकेत दे रहे हैं। निफ्टी का अपने 20-डे और 100-डे ईएमए स्तरों के आसपास मंडराना भी कंसोलीडेशन के फेज को दर्शाता है।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज में टेक्निकल एनालिस्ट कपिल शाह का कहना है कि बाजार में अभी भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। पिछले 20 ट्रेडिंग सेशन से निफ़्टी 23,800-24,500 की रेंज में ही घूम रहा है। मौजूदा हालात'गिरावट पर खरीदारी' और चुनिंदा सेक्टर स्पेसिफ़िक मौकों के लिए बेहतर हैं। मौजूदा स्तरों पर तेजी के पीछे भागना फायदेमंद नहीं हो सकता है। 24,000-23,800 के सपोर्ट जोन में खरीदारी देखने को मिल सकती है। 24,600 के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट से बड़े बुलिश ट्रेंड के फिर से शुरू होने की पुष्टि होगी।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,027, 23,995 और 23,944
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,129, 24,160 और 24,211
डेली टाइमफ्रेम पर,निफ्टी 50 ने पिछले दिन की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी अपर शैडो लंबी थी। इससे पता चलता है कि बाजार की दिशा को लेकर कोई मजबूत राय नहीं बन पा रही है। इंडेक्स 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर तो बना रहा,लेकिन 10 डे और 100 डे के EMA के ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। नेगेटिव क्रॉसओवर के साथ RSI गिरकर 51.67 पर आ गया,लेकिन यह एक दायरे में ही बना रहा। वहीं,पिछले चार सेशन से MACD साइडवेज रहा और हिस्टोग्राम बार हरे रंग का हो गया। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि इंडेक्स में अभी भी मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,741, 57,872 और 58,083
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,318, 57,188 और 56,977
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441
बैंकिंग इंडेक्स 1.15 प्रतिशत गिरकर पिछले दिन के क्लोजिंग लो से नीचे आ गया। डेली चार्ट पर इसने एक'बेयरिश कैंडल'बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो थी। इससे पता चलता है कि तीन दिन की तेजी के बाद अब प्रॉफिट बुकिंग हो रही है। वहीं,ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है,क्योंकि बैंक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है और इंडेक्स हालिया तेज उछाल के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को बनाए हुए है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर से पता चलता है कि डायरेक्शनल मजबूती की कमी है,जिससे निकट भविष्य में बाजार के साइडवेज रहने का संकेत मिलता है। ये सभी संकेत बताते हैं कि जारी कंसोलिडेशन के बावजूद बड़ा ट्रेंड बरकरार है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 14 जुलाई को 739 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,927 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 3.54% बढ़कर 13.75 पर पहुंच गया और लगातार दूसरे सेशन में भी ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इससे तेजड़ियों के लिए थोड़ी बेचैनी का संकेत मिला। अगर यह 15 के स्तर से ऊपर तेजी से बढ़ता है तो बुलिश ट्रेडर्स के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 14 जुलाई को पिछले सेशन के 1.43 से गिरकर 1.02 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
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