Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन
Trade setup :कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया। मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया
Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441
बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।
13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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