Trading Plan: क्या जारी कंसोलिडेशन के बीच Nifty 23800 के स्तर को बचा पाएगा और Bank Nifty 54800 के ऊपर बना रहेगा?
Trading Plan:Nifty को लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज की ओर तेजी पकड़ने के लिए 24,000 के लेवल को फिर से हासिल करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। तब तक,कंसोलिडेशन जारी रह सकता है,जिसमें 23,800 का इमीडिएट सपोर्ट मिलेगा। अगर यह लेवल टूटता है तो बेयर्स इंडेक्स को नीचे की तरफ 23,700-23,600 के लेवल तक ले जा सकते हैं
Trading Plan: आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंक निफ्टी में 5 डे,9 डे और 20 डे के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज ऊपर की ओर जा रहे हैं और कीमतों का इनके ऊपर बने रहना नियर टर्म के लिए एक अच्छा संकेत है
Trading Plan:पिछले सेशन में निफ्टी 50 डे EMA 24,000 (जो एक मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज है)को बचाने में नाकाम रहा। उम्मीद है कि लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज (24,370 के पास 100 डे EMA और 24,600 के पास 200 डे EMA) की ओर किसी भी तेज बढ़त के लिए यह एक अहम रुकावट बना रहेगा। जब तक इंडेक्स वापस इस लेवल के ऊपर चढ़कर टिका नहीं रहता,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,800 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700-23,600 के जोन की ओर खिसक सकता है।
उधर Bank Nifty को 55,800 पर बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। 56,300 और उसके बाद 57,500 की ओर बढ़ने के लिए इसे इस स्तर को मजबूती से पार करना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग हो सकती है,जिसमें 54,800 पर तत्काल सपोर्ट और उसके बाद 54,500 पर एक अहम सपोर्ट स्तर होंगे।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के फाउंडर और एनालिस्ट आदित्य ठुकराल का कहना है कि Nifty 24,090 के आस-पास रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद लगातार नीचे गिरता रहा। इस गिरावट ने पिछले दिन की कैंडलस्टिक की बॉडी को पूरी तरह से ढक लिया और एक 'आउटसाइड बार पैटर्न' बनाया। अब तक यह गिरावट करेक्टिव (corrective)नेचर की लग रही है और इसे 23,400 से शुरू हुई पिछली तेजी (upmove) के रिट्रेसमेंट के तौर पर देखा जा सकता है। फिलहाल,इंडेक्स एक 'राइजिंग चैनल' के अंदर ट्रेड कर रहा है,जहां सपोर्ट 23,860 पर और रेजिस्टेंस 24,170 पर है।
मार्केट ब्रेथ कई पैमानों पर मजबूत बनी रही,जिससे खरीदारों के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि,बाजार में तेजी के रुझान स्टॉक स्पेसिफिक और मिडकैप कंपनियों तक ही सीमित रहने की संभावना है। बहुत ही कम समय के मूविंग एवरेज (5-DEMA, 9-DEMA, और 20-DEMA) ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं,जो एक शॉर्ट टर्म तेजी के रुझान का संकेत देते हैं।
हालांकि,मीडियम और लॉन्ग टर्म एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज अभी भी नीचे की ओर जा रहे हैं। संभावना है कि वे 24,380 और 24,640 पर रेजिस्टेंस देते रहेंगे। यह बढ़त धीमी और सिस्टेमेटिक लग रही है,जो इंडेक्स में लॉन्ग पोजीशन रखने वाले तेजड़ियों के सब्र की परीक्षा ले सकती है। फिर भी मिड-साइज़ कंपनियों में संस्थागत निवेश आना जारी है,जहां ट्रेडर्स को अपना ध्यान बनाए रखना चाहिए।
डेरिवेटिव्स सेगमेंट में पोज़िशनिंग की बात करें तो ट्रेडर्स को Call और Put दोनों तरह के ऑप्शंस राइट करते हुए देखा गया,जिससे यह संकेत मिलता है कि आगे बाजार में साइडवेज मूवमेंट की उम्मीद है।
अहम रेजिस्टेंस: 24,000, 24,170
अहम सपोर्ट: 23,850, 23,700
रणनीति: Nifty Futures को 23,925 के आस-पास गिरावट आने पर खरीदें, 23,825 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,125 का लक्ष्य रखें।
Waves Strategy Advisors के संस्थापक और CEO आशीष क्याल का कहना है कि पिछले सेशन में निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ और कीमतें मिड-बोलिंगर बैंड के पास स्थिर हुईं। यह एक महत्वपूर्ण प्राइस-एक्शन जोन भी है। यह हाई लेवल्स पर वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाने का संकेत है। 23,880-23,850 के जोन से नीचे जाने पर'गैप फिलिंग'हो सकती है,जबकि 24,000 और उसके बाद 24,100 के स्तर से ऊपर वापस जाने पर तेजी का रुख फिर से लौट सकता है।
निफ्टी में कल ऊपरी स्तरों पर प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिली,जो रेजिस्टेंस जोन के पास हिचकिचाहट का संकेत है। 23,850 के नीचे एक निर्णायक ब्रेक से और कमजोरी आ सकती है और यह मौजूदा ट्रेंड के लिए चिंता का शुरुआती संकेत हो सकता है। दूसरी ओर इंडेक्स को 24,120 के ऊपर फिर से पहुंचने और टिके रहने की ज़रूरत है, ताकि नई खरीदारी आए और बुल्स फिर से कंट्रोल हासिल कर सकें।
अहम रेजिस्टेंस: 24,300
अहम सपोर्ट: 23,850
रणनीति: अगर Nifty 24,120 के ऊपर जाता है तो लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती हैं। इसमें स्टॉप-लॉस 24,000 पर और टारगेट 24,220,उसके बाद 24,300 रखे जा सकते हैं।
आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंक निफ्टी में 5 डे,9 डे और 20 डे के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज ऊपर की ओर जा रहे हैं और कीमतों का इनके ऊपर बने रहना नियर टर्म के लिए एक अच्छा संकेत है। हालांकि,इंडेक्स को अभी डेली टाइमफ्रेम पर अहम EMA से मिलने वाले रेजिस्टेंस को पार करना बाकी है,जो शायद एक ही बार में न हो पाए। आने वाले दिनों में इंडेक्स के ज्यादातर 53,500 और 56,500 के बीच ही रहने की संभावना है। बैंकिंग इंडेक्स के डेरिवेटिव सेगमेंट में पोजीशनिंग न्यूट्रल लग रही है, जिसमें लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन बराबर-बराबर हैं।
अहम रेजिस्टेंस: 55,550, 55,850
अहम सपोर्ट: 54,820, 54,390
रणनीति: Bank Nifty Futures को 55,100 के आस-पास गिरावट पर खरीदें, 54,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 55,600 का लक्ष्य रखें।
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