Trading Plan: बाजार में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, 23800 का लेवल पार करने पर 24100 तक की तेजी मुमकिन
Trading Plan: Nifty को 24,000-24,100 के स्तरों की ओर आगे बढ़ने के लिए,गुरुवार के हाई और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (दोनों लगभग 23,800 के पास) से ऊपर वापस आना और उस स्तर पर बने रहना ज़रूरी है। हालांकि,23400 का स्तर एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है,क्योंकि इसके नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से शुरू हो सकता है
Trading Plan: Nifty Bank में निचले स्तरों से ज़ोरदार उछाल देखने को मिला,जो हालिया करेक्शन के दबाव के बाद बड़े बैंकिंग शेयरों में चुनिंदा खरीदारी का संकेत देता है
Trading Plan: बाजार ने लगातार दूसरे सत्र में हाल के निचले स्तरों से अपनी रिकवरी जारी रखी,लेकिन अब यहां से 24,000–24,100 के स्तरों की ओर और ऊपर जाने के लिए,इसे गुरुवार के उच्च स्तर और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (दोनों 23,800 के करीब) को फिर से हासिल करने और उनके ऊपर बने रहने की जरूरत है। हालांकि,23400 के एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जिसके नीचे बिकवाली का दबाव फिर से शुरू हो सकता है।
इसी तरह Bank Nifty को 55,000 की ओर ऊपर की चाल के लिए 54,400 के स्तर को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। इसके लिए सपोर्ट 53,700 पर है,जिसके बाद 53,200 पर अगला सपोर्ट है। बाजार जानकारों का कहना है कि मुख्य सपोर्ट जोनन के पास 'बाय-ऑन-डिप्स'(गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति ही ट्रेडिंग का सबसे पसंदीदा तरीका बनी हुई है।
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि Nifty में निचले स्तरों से एक उतार-चढ़ाव भरी रिकवरी देखने को मिली, जो इस बात का संकेत है कि 23,350–23,400 के अहम सपोर्ट जोन के पास मजबूत खरीदारी आ रही है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 23770 के पास मौजूद 0.382 फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और अपने 10-DEMA से नीचे ही ट्रेड कर रहा है। इससे पता चलता है कि इसका शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर अभी भी बिकवाली के दबाव में है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो सपोर्ट के पास बनने वाली रिकवरी कैंडल,हाल ही में हुए बिकवाली के दबाव के बाद घबराहट में की गई बिकवाली के बजाय,हेल्दी गेन और सेलेक्टिव खरीदारी को दर्शाती है। हाल ही में बने स्विंग बॉटम से बनी बड़ी हायर-लो संरचना,हाई वोलैटिलिटी के बावजूद पुलबैक रिकवरी फेज को बरकरार रखे हुए है। RSI लगभग 46 पर रिकवर हुआ,जो मंदी की गति में कमी और बादार में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है।
ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 23,800–24,000 स्ट्राइक्स पर जोरदार कॉल राइटिंग हो रही है,जबकि 23,500–23,300 जोन के पास लगातार पुट राइटिंग एक मज़बूत सपोर्ट है। मौजूदा उतार-चढ़ाव वाले माहौल में अहम सपोर्ट जोन के पास 'गिरावट पर खरीदारी'की रणनीति ही ट्रेडिंग का पसंदीदा तरीका बनी हुई है।
अहम रेजिस्टेंस: 23,770, 23,950, 24,100
अहम सपोर्ट: 23,500, 23,350, 23,200
रणनीति: ट्रेडर्स 19 मई की एक्सपायरी के लिए 'बुल पुट स्प्रेड' रणनीति अपना सकते हैं। इसके तहत,वे 23,950 PE का एक लॉट ₹300 में बेचेंगे और 23,700 PE का एक लॉट ₹156 में खरीदेंगे। यह सेटअप बाजार में संभावित तेजी (bullish trend) का लाभ उठाने के लिए तैयार किया गया है।
स्टॉप-लॉस: इस रणनीति का सख्ती से पालन करें। इसमें अधिकतम 'मार्क-टू-मार्केट' (MTM) नुकसान की सीमा ₹6,916 तय की गई है,ताकि जोखिम का मैनेजमेंट (risk management)अनुशासित तरीके से किया जा सके।
लक्ष्य:इस रणनीति को बनाए रखें,जिसका उद्देश्य अधिकतम मार्क-टू-मार्केट (MTM) लाभ लक्ष्य Rs 9,334 प्राप्त करना है। साथ ही,जब MTM मुनाफा 6,000 रुपए से अधिक हो जाए तो प्राॉफिट बुक करें।
निफ्टी बैंक आउटलुक और रणनीति
Nifty Bank में निचले स्तरों से ज़ोरदार उछाल देखने को मिला,जो हालिया करेक्शन के दबाव के बाद बड़े बैंकिंग शेयरों में चुनिंदा खरीदारी का संकेत देता है। हालांकि,यह रिकवरी पहले टूटे हुए 54,400–54,500 के जोन के पास एक 'पुलबैक रीटेस्ट' जैसी ज़्यादा लग रही है,जो अभी भी तत्काल रेजिस्टेंस (immediate resistance) का काम कर रहा है।
इंडेक्स अपने 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जबकि लोअर-हाई फॉर्मेशन यह संकेत देते हैं कि तेजी के दौरान भी बेचने वाले अभी भी सक्रिय हैं। RSI 44 के करीब रिकवर हुआ है,जो मंदी की गति में नरमी का संकेत देता है,लेकिन इसमें ताकत सीमित है।
डेरिवेटिव्स के नजरिए से पुट-कॉल रेशियो (PCR) लगभग 0.79 के आस-पास है। इसमें 54,500–55,000 स्ट्राइक पर कॉल राइटिंग ऊपरी बढ़त को सीमित कर रही है। जबकि 53,500–53,000 जोन के आस-पास पुट राइटिंग बाज़ार को सहारा दे रही है। मौजूदा हालात में सपोर्ट जोन के आस-पास चुनिंदा शेयरों में गिरावट आने पर खरीदारी करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 54,500, 55,000, 55,300
अहम सपोर्ट: 53,500, 53,000, 52,950
रणनीति: ट्रेडर्स Nifty Bank May Futures में 54,000–53,950 जोन की ओर पुलबैक होने पर लॉन्ग पोजीशन शुरू करने पर विचार कर सकते हैं और 53,700 के नीचे एक सख्त स्टॉप-लॉस रख सकते हैं। ऊपर की ओर प्रॉफ़िट-बुकिंग के लक्ष्य 54,500–54,600 की रेंज में रखे गए हैं।
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