Trading Plan : टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से ग्लोबल मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद,आज मार्केट में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है,लेकिन आगे यह देखना अहम होगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है। बाजार जानकारों के मुताबिक, निफ्टी को 24,500 के स्तर तक और ऊपर जाने के लिए 24,200 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट देना होगा। तब तक,इसमें उतार-चढ़ाव के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 23,750 और उसके बाद 23,640 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर की तरह 23,900-24,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं,57,500–58,000 के लेवल तक वापसी के लिए बैंक निफ्टी को पिछले दिन के निचले स्तर (56,078) पर सपोर्ट लेने की जरूरत है। इस लेवल के नीचे,56,500–56,200 सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।
वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि निफ्टी के 24,200 के रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। यह लेवल 100-डे EMA के साथ भी मेल खाता है। मेटल और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों में बिकवाली के दबाव और ग्लोबल मार्केट से मिले नेगेटिव संकेतों के कारण इंडेक्स नीचे आ गया।
डेली चार्ट पर निफ्टी अब जून 2026 में शुरू हुई पिछली रैली के 23.6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गई हैं। जब तक इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,760–23,720 ज़ोन के पास है) से ऊपर बना रहता है,तब तक मौजूदा कमजोरी को जारी अपट्रेंड के बीच एक हल्के विराम के तौर पर देखा जा सकता है।
लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती दिख रही है। तेजड़ियों को दोबारा कंट्रोल पाने के लिए ज़रूरी है कि इंडेक्स पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हो। ऐसा होने पर इंडेक्स 24,300 या उससे ऊपर जा सकती हैं। हालांकि,अगर यह 23,720 के नीचे जाता है तो 15 जून को बने गैप को भरने की कोशिश हो सकती है।
स्ट्रैटेजी : अगर निफ्टी फ्यूचर्स इंडेक्स 23,920–23,940 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है,तो शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 24,020 और टारगेट 23,720 होगा।
बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति
आशीष क्याल का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 57,961 के लेवल से ऊपर नहीं टिक पाया और इसमें 800 पॉइंट से ज़्यादा की तेज इंट्राडे गिरावट देखी गई। यह गिरावट इतनी बड़ी थी कि इसने पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में हुई बढ़त को एक ही दिन में खत्म कर दिया। इस गिरावट में PSU बैंकों की मुख्य भूमिका रही।
8 जून के बाद यह पहला मौका था जब बैंक निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ। इससे पता चलता है कि लंबी और तेज बढ़त के बाद बाज़ार में जारी तेजी के रुख में कुछ समय के लिए ठहराव आया है। मुनाफा वसूली की उम्मीद पहले से ही थी,क्योंकि शॉर्ट-टर्म टाइमफ़्रेम पर कई मोमेंटम इंडिकेटर'ओवरबॉट ज़ोन'में पहुंच गए थे।
इंडेक्स के लिए अगला अहम सपोर्ट 57,050 के लेवल के पास है। अगर यह इस लेवल के नीचे जाता है,तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शॉर्ट-टर्म टॉप बन गया है,जिससे इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।
बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। अगर यह फिर से 57,600 के ऊपर जाता है तो 57,961 के लेवल को छूने की एक और कोशिश हो सकती है। हालांकि, अगर यह 57,050 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग और बढ़ सकती है।
स्ट्रैटेजी: अगर इंडेक्स 57,380–57,400 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है तो बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 57,560 और टारगेट 57,160–57,050 रखें।
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