Trading Plan: US-ईरान डील को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतों में उछाल, जानिए निफ्टी-बैंक निफ्टी में आज क्या हो कमाई की रणनीति
Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर Nifty बुधवार के निचले स्तर (24,060) को बचाने में नाकाम रहता है तो बेयर्स 23,950–23,800 के स्तरों को टारगेट कर सकते हैं। हालांकि,ऊपर की तरफ 24,500 की ओर बढ़त के लिए 24,350 एक अहम रेजिस्टेंस साबित हो सकता है
Trading Plan : SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में निफ्टी 500 अंकों की एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा है,जो एक कंसोलिडेशन फेज का संकेत है
Trading Plan: बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर मिला-जुला या साइडवेज़ होने की वजह से उम्मीद है कि बाज़ार एक दायरे में रहकर कंसोलिडेट करेगा। US-ईरान डील को लेकर अनिश्चितता और पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल्स के बीच तेल की बढ़ती कीमतों ने भी सावधानी बरतने का संकेत दिया है। अगर Nifty बुधवार के निचले स्तर (24,060) को बचाने में नाकाम रहता है तो बेयर्स 23,950–23,800 के स्तरों को टारगेट कर सकते हैं। हालांकि,ऊपर की तरफ 24,500 की ओर बढ़त के लिए 24,350 एक अहम रेजिस्टेंस साबित हो सकता है।
बैंक निफ्टी की बात करें तो यह लगातार दूसरे सेशन में 55,250 के ऊपर बना रहा। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो इंडेक्स 54,600–54,400 की ओर जा सकता है। बाजार जानकारों के मुताबिक,ऊपर की तरफ 56,200 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में निफ्टी 500 अंकों की एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा है,जो एक कंसोलिडेशन फेज का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी एक साइडवेज़ ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं। डेली RSI 59.66–49.21 के जोन में ऊपर-नीचे होता रहा है।
आगे 24,300–24,350 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर 24,350 के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होता है तो इंडेक्स में तेज उछाल आ सकता है। ऐसे में इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 24,600 और उसके बाद 24,750 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,नीचे की तरफ 23,980–23,950 का 20-दिन का EMA जोन तत्काल सपोर्ट (support) का काम करेगा। अगर इंडेक्स 23,950 से नीचे गिरता है तो अगला अहम सपोर्ट 23,800 पर होगा।
रणनीति: Nifty फ्यूचर्स को 24,355 के ऊपर खरीदें, 24,150 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,650 का लक्ष्य निर्धारित करें।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने गैप रेजिस्टेंस जोन को टेस्ट करने की कोशिश की लेकिन उसे बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा और वह अपने 50 DMA के पास बंद हुआ,जो ऊपरी स्तरों पर रेजिस्टेंस का संकेत देता है। प्राइस एक्शन पुलबैक के बाद कंसोलिडेशन का सुझाव संकेत दे रहा है। जिसमें निचले टाइमफ्रेम पर एक छोटा-सा बढ़ता हुआ स्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है।
डेरिवेटिव्स फ्रंट पर कॉल और पुट दोनों तरह के राइटर सक्रिय रहे। 24,300 पर सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट और 24,000 पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट था, जिससे एक रेंज तय हो गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें,FOMC मीटिंग के नतीजे और चुनाव के एग्जिट पोल की वजह से बाज़ार का मूड सतर्क रह सकता है। निफ्टी के 23,950 और 24,350 के बीच ट्रेड करने की संभावना है और इस रेंज से बाहर निकलने पर बाजार में एक खास दिशा में हलचल देखने को मिल सकती है।
अहम रेजिस्टेंस: 24,350
अहम सपोर्ट: 24,000
रणनीति: Nifty futures को 24,150 के स्तर पर गिरावट आने पर खरीदें, 24,000 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,450 का लक्ष्य निर्धारित करें। इसमें अधिकतम नुकसान 9,750 रुपये हो सकता है,जबकि अधिकतम लाभ 19,500 रुपये हो सकता है।
सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने अप्रैल के शुरुआती 11 ट्रेडिंग सत्रों में ही लगभग 7,500 अंकों की ज़ोरदार वापसी रैली दिखाई। हालांकि,पिछले छह सत्रों में इसने फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है,जो बैंकिंग सेक्टर में रिलेटिव कमजोरी का संकेत है।
इस दौरान,इंडेक्स अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया है,जो इसकी शॉर्ट-टर्म संरचना में आई गिरावट को दर्शाता है। डेली RSI ने एक बेयरिश क्रॉसओवर दर्ज किया है और यह नीचे की ओर जा रहा है। जबकि –DI, +DI से ऊपर चला गया है जो नेगेटिव मोमेंटम के मज़बूत होने को दिखाता है। यह पूरी चार्ट संरचना, Bank Nifty के लिए निकट भविष्य में बेयरिश रुझान की ओर संकेत करती है।
आगे 54,500–54,400 का जोन एक महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है,क्योंकि यह पिछली तेजी के 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है। 54,400 के नीचे एक निर्णायक गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स को 53,600 के पास अगले अहम सपोर्ट की ओर खींच सकता है।
ऊपरी तरफ 56,100–56,200 का ज़ोन एक मज़बूत रुकावट बन सकता है। 56,200 के ऊपर कोई भी लगातार बढ़त तेज़ी के मोमेंटम को फिर से जगा सकती है और ऊपर की ओर बढ़ने का रास्ता खोल सकती है,जिसके संभावित लक्ष्य 57,000 और उसके बाद कम समय में 57,600 हो सकते हैं।
रणनीति: Bank Nifty futures को 55,950 के ऊपर खरीदें, 55,400 का स्टॉप-लॉस रखें और 57,150 का लक्ष्य निर्धारित करें।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी को ऑवरली चार्ट पर अपने 100 SMA के पास बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा और यह डेली टाइम फ्रेम पर एक बेयरिश कैंडलिस्टिक के साथ बंद हुआ। यह ऊपरी स्तरों पर कमजोरी का संकेत है। इसके अलावा, ऑवरली चार्ट पर एक हिडेट बेयरिश डाइवर्जेंस कमजोरी जारी रहने का संकेत दे रहा है।
ऐसे में इंडेक्स के लिए 'बढ़त पर बेचने' (sell-on-rise) की रणनीति फायदेमंद बनी हुई है,जिसमें 56,200 पर स्टॉप-लॉस होगा। नीचे की तरफ,तत्काल सपोर्ट 55,000–54,800 पर है,जबकि रेजिस्टेंस 55,800 और 56,200 के आसपास है,जो निकट भविष्य में मुख्य सप्लाई जोन के तौर पर काम कर सकते हैं।
रणनीति: Bank Nifty फ्यूचर्स को 55,800 की ओर बढ़त पर बेचें, 56,100 का स्टॉप-लॉस रखें और 55,000 का लक्ष्य निर्धारित करें।
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