Trading Plan: क्या Nifty और Bank Nifty कंसोलिडेशन के बीच अपनी रिकवरी रख पाएंगे बरकरार ?

Trading Plan: Nifty को तेजी पकड़ने के लिए हाल के स्विंग हाई 24,100 के ऊपर बंद होना और टिके रहना जरूरी है। तब तक इसमें कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इसके लिए 23,200 पर तत्काल सपोर्ट और 23,700-23,800 पर तत्काल रेजिस्टेंस नजर आ रहा है

अपडेटेड Jun 03, 2026 पर 10:45 AM
Nifty View : Nifty एक अहम मोड़ पर है। अगर यह 23,560 के ऊपर जाता है,तो कीमतें 23,680–23,700 या उससे भी ऊपर जा सकती हैं

Trading Plan: बाजार के कमजोर होते रुझान को देखते हुए। Nifty 50 और Bank Nifty, डेली चार्ट पर डाउनवर्ड स्लोपिंग चैनल के अंदर ट्रेड करते हुए लोअर हाई–लोअर लो का पैटर्न बना रहे हैं। ये बाजार में कमजोरी का संकेत है। ऐसे में कोई भी रिकवरी खरीदारी का रुझान शायद ज्यादा देर तक न टिक पाए। Nifty 50 में तेजी के लिए उसे अपने हाल के 'स्विंग हाई'24,100 के ऊपर बंद होना और उस स्तर पर टिके रहना होगा। तब तक,कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है,जिसमें 23,200 पर तत्काल सपोर्ट है,जबकि तत्काल रेजिस्टेंस 23,700–23,800 के जोन में दिख रहा है। इस बीच,अगर और रिकवरी होती है,तो Bank Nifty को 54,400 पर और उसके बाद 55,100 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। बाजार जानकारों का कहना कि नीचे की तरफ 53,100 के तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है और उसके बाद 52,800 पर अगला सपोर्ट होगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के फाउंडर और एनालिस्ट आदित्य ठुकराल का कहना है कि Nifty कल गैप-डाउन के साथ खुला और अपने पिछले स्विंग लो से उबर गया। लोअर हाई–लोअर लो का पैटर्न अभी भी बाजार के डाउनट्रेंड में होने का संकेत दे रहा है। हालांकि,मौजूदा उछाल कुछ और दिनों तक बना रह सकता है,जिसके बाद इंडेक्स अपनी नीचे की ओर की यात्रा फिर से शुरू कर सकता है। इंडेक्स सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करना जारी रखे हुए है,जो नीचे की ओर ढलान वाले भी हैं।


कल मार्केट ब्रेथ बिगड़ गई,क्योंकि बिकवाली का दबाव मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों तक फैल गया। अगले कुछ दिनों में बाज़ार 'मीन रिवर्जन'(औसत की ओर लौटने) की कोशिश कर सकता है,क्योंकि गिरावट का एक चरण पूरा हो चुका लगता है। हालांकि,बाज़ार की व्यापक संरचना अभी अधूरी है और आने वाले सत्रों में गिरावट का एक और दौर आने की संभावना है।

शॉर्ट-कवरिंग रैली तभी आ सकती है जब इंडेक्स 23,900 से ऊपर बना रहे। डेरिवेटिव सेगमेंट में पार्टिसिपेंट्स शॉर्ट पोजीशन बनाते और होल्ड करते दिखे। हालांकि कुछ लॉन्ग पोजीशन जोड़ी गईं,लेकिन उनमें पक्का भरोसा नहीं था।

अहम रेजिस्टेंस: 23,625, 23,800

अहम सपोर्ट: 23,370, 23,200

स्ट्रेटेजी: 23,750 के आसपास बढ़त पर निफ्टी फ्यूचर्स बेचें, 23,850 पर स्टॉप-लॉस रखें, 23,550 का टारगेट रखें।

Waves Strategy Advisors के संस्थापक और CEO आशीष क्याल का कहना है कि ऑवर्ली चार्ट पर,एक भी कैंडल पिछली कैंडल के निचले स्तर से नीचे बंद नहीं हुई है,जो सपोर्ट लेवल के पास मज़बूत खरीदारी को दिखाता है। डेली ट्रेंड को पॉज़िटिव बनाने के लिए 50-period SMA (जो अभी 23,700 के पास है) से ऊपर लगातार बढ़त होना बहुत जरूरी होगा।

Nifty एक अहम मोड़ पर है। अगर यह 23,560 के ऊपर जाता है,तो कीमतें 23,680–23,700 या उससे भी ऊपर जा सकती हैं। वहीं,नीचे की तरफ 23,200 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,820

अहम सपोर्ट: 23,200

रणनीति: अगर इंडेक्स 23,560 के ऊपर जाता है, तो Nifty Futures में लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 23,420 पर और टारगेट 23,700, उसके बाद 23,820 रखे जा सकते हैं।

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बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आदित्य ठुकराल का कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स,गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद अपने पिछले स्विंग लो से वापस ऊपर उठा। यह गिरावट स्वभाव से इंपल्सिव (तेज़) लगती है और एक बार जब मौजूदा करेक्टिव अपमूव (सुधारात्मक बढ़त)पूरी हो जाएगी तो इंडेक्स एक और इंपल्सिव गिरावट का प्रयास कर सकता है। शॉर्ट टर्म गिरावट का ढांचा अभी भी बरकरार है,जिसमें प्राइस चार्ट पर 'लोअर हाई'और 'लोअर लो'दिखाई दे रहे हैं।

इंडेक्स सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो यह दर्शाता है कि मंदड़ियों का नियंत्रण अभी भी बना हुआ है। जब तक इंडेक्स अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक उस पर दबाव बने रहने की संभावना है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए जब तक कोई नया स्विंग हाई नहीं बनता,तब तक सेल-ऑन-राइज़ स्ट्रैटेजी बेहतर रहेगी। डेरिवेटिव सेगमेंट में पोज़िशनिंग न्यूट्रल लग रही है,जिससे पता चलता है कि पार्टिसिपेंट्स आने वाले सेशन में साइडवेज़ मूवमेंट की उम्मीद कर रहे हैं।

अहम रेजिस्टेंस: 54,200, 54,700

अहम सपोर्ट: 53,500, 53,000

रणनीति: Bank Nifty Futures को 54,500 के आस-पास बढ़ने पर बेचें, 54,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 53,900 का लक्ष्य रखें।

 

 

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