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Trading Plan: क्या निफ्टी 24,000 से नीचे गिर जाएगा और बैंक निफ्टी 50,200 का सपोर्ट तोड़ देगा!

Trading Strategy : बाजार जानकारों को उम्मीद है कि निफ्टी 50 इंडेक्स अगस्त के अपने निचले स्तर को तोड़ सकता जो आने वाले कारोबारी सत्रों के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल है। इस स्तर से नीचे जाने पर निफ्टी में 23,455 पर स्थित 200-डे ईएमए से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, 25,600-25,700 की ओर आने वाली कोई भी तेजी टिकाऊ होने की संभावना नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 28, 2024 पर 9:19 AM
Trading Plan: क्या निफ्टी 24,000 से नीचे गिर जाएगा और बैंक निफ्टी 50,200 का सपोर्ट तोड़ देगा!
Trading plan :एंजेल वन के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 51,500, 51,800, 52,000 पर अहम रजिस्टेंस और 50,200, 50,000, 49,700 पर सपोर्ट है

Nifty Trading Plan: निफ्टी में पिछले पूरे हफ्ते बिकवाली का दबाव देखने को मिला 25 अक्टूबर को हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न (24,200-24,250 जोन के आसपास) के पहले डाउनसाइड टारगेट हिट होता दिखा। साथ ही डेली चार्ट पर एक बियरिश कैंडलस्टिक पैटर्न के गठन के साथ-साथ औसत से ज्यादा वॉल्यूम भी देखने को मिला। ऐसे में बाजार जानकारों को उम्मीद है कि निफ्टी 50 इंडेक्स अगस्त के अपने निचले स्तर (23,894) को तोड़ सकता जो आने वाले कारोबारी सत्रों के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल है। इस स्तर से नीचे जाने पर निफ्टी में 23,455 पर स्थित 200-डे ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, 25,600-25,700 की ओर आने वाली कोई भी तेजी टिकाऊ होने की संभावना नहीं है। बैंक निफ्टी के लिए, अगला सपोर्ट 50,200-50,000 के आसपास होने की उम्मीद है। इसके नीचे फिसलने पर 200-डे ईएमए (49,668) की संभावना है, जबकि रजिस्टेंस 51,100 पर है।

शुक्रवार को निफ्टी 50 इंडेक्स 219 अंक गिरकर 24,181 पर बंद हुआ। वहीं, बैंक निफ्टी 744 अंक गिरकर 50,787 पर बंद हुआ था। कुल मिलाकर बाजार में मंदी का माहौल रहा। एनएसई पर 376 शेयरों में बढ़त की तुलना में लगभग 2,138 शेयरों में गिरावट आई थी।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एंजेल वन के राजेश भोसले का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,350, 24,500, 24,600 पर अहम रजिस्टेंस और 24,000, 23,900, 23,700 पर सपोर्ट हैं। पिछले हफ़्ते का फ़ोकस मिडकैप में भारी गिरावट पर रहा है, लेकिन कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी आ सकती है ख़ास तौर पर त्यौहारी सीज़न के नज़दीक आने के साथ। इसके अलावा, लंबी अवधि के नज़रिए वाले निवेशक इस गिरावट में क्वालिटी शेयरों में धीरे-धीरे खरीदारी करने की रणनीति अपना सकते हैं।

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