Trading Plan: बाजार का रुझान अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में, 'सेल-ऑन-रैली'की रणनीति करेगी काम

Trading Plan: कुल मिलाकर बाजार का रुझान मंदड़ियों के पक्ष में बना हुआ है। ऐसे में बाजार जानकारों का कहना है कि आज'सेल-ऑन-रैली'की रणनीति कारगर रहेगी। अगर निफ्टी 23,400 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहता है,तो बुल्स इसे 23,500–23,600 की ओर ले जा सकते हैं। 23,400 के स्तर से नीचे गिरने पर 23,250–23,200 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है

अपडेटेड May 14, 2026 पर 9:41 AM
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Trading Plan: सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में अपनी गिरावट जारी रखी,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है

Trading Plan : चार दिन की गिरावट के बाद कल बाज़ार में तेज़ी आई और यह 23,400 के अहम स्तर से ऊपर बंद हुआ,जो 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है। हालांकि,कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में है,इसलिए मार्केट एक्सपर्ट्स 'सेल-ऑन-रैली'(तेज़ी आने पर बेचने) की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। अगर आने वाले सत्रों में इंडेक्स 23,400 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहता है, तो तेजड़िए इसे 23,500–23,600 (बुधवार के उच्चतम स्तर के करीब) की ओर ले जा सकते हैं। हालांकि,इस स्तर से नीचे गिरने पर 23,250–23,200 का रास्ता खुल सकता है।

वहीं, अगर Bank Nifty वापसी करने में कामयाब रहता है तो 54,000–54,100 का ज़ोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। हालांकि,बाजार जानकारों के मुताबिक अगर और गिरावट आती है तो 53,200–52,800 की ओर गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता,क्योंकि यह एक अहम सपोर्ट ज़ोन है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति


SBI सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को निफ्टी अपने 12-सेशन के कंसोलिडेशन रेंज से निर्णायक रूप से नीचे गिर गया,जिससे पूरे बाज़ार में ज़ोरदार बिकवाली का दबाव देखने को मिला। अपने हाल के स्विंग हाई 24,601 से इंडेक्स 1,200 से ज़्यादा अंकों तक नीचे गिर गया। हालांकि,भारी गिरावट के बाद बुधवार को इंडेक्स में थकावट के संकेत दिखे और इसने डेली चार्ट पर एक 'हाई वेव कैंडल'बनाया जो निचले स्तरों पर बाज़ार में बढ़ी अनिश्चितता को दर्शाता है।

कैंडल के अनिश्चित गठन के बावजूद,ओवरऑल तकनीकी ढांचा कमजोर बना हुआ है और मंदड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज धीरे-धीरे नीचे की ओर झुक रहे हैं,जो एक कमजोर होते ट्रेंड का संकेत है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कोई उत्साहजनक संकेत नहीं दे रहे हैं। डेली RSI 40 के आस-पास घूम रहा है और अपने 9-दिन के औसत से नीचे ही ट्रेड कर रहा है, जिससे पता चलता है कि मोमेंटम धीमा है और खरीदने की ताकत की कमी है। इसके अलावा,MACD लाइन सिग्नल लाइन से नीचे खिसक गई है,जबकि हिस्टोग्राम नेगेटिव हो गया है,जो यह दिखाता है कि आने वाले समय में बेयरिश मोमेंटम बढ़ सकता है।

आगे चलकर 23,100–23,050 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा,क्योंकि हाल की तेज़ी का 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल इसी दायरे में मौजूद है। अगर 23,050 के निशान से नीचे कोई पक्का ब्रेकडाउन होता है तो इससे करेक्शन का दौर और तेज़ हो सकता है और इंडेक्स नीचे की ओर 22,900 तक और उसके बाद कम समय में 22,700 तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,700–23,750 का ज़ोन इंडेक्स के लिए एक तत्काल और मज़बूत रेजिस्टेंस का काम करेगा। जब तक कि इंडेक्स इस रुकावट वाले दायरे को मज़बूती से पार करके उसके ऊपर टिक न जाए, इस दायरे की ओर किसी भी पुलबैक रैली में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,700, 23,750

अहम सपोर्ट: 23,100, 23,050, 22,900

रणनीति: 23,400 के नीचे Nifty Futures बेचें, स्टॉप-लॉस 23,650 पर और टारगेट 23,000 पर रखें।

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बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में अपनी गिरावट जारी रखी,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है। यह इंडेक्स अपने अहममूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है जो एक कमजोर ट्रेंड स्ट्रक्चर को दर्शाता है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बेयरिश आउटलुक को और मज़बूत कर रहे हैं,क्योंकि डेली RSI 40 के निशान से नीचे बना हुआ है और नीचे की ओर जा रहा है। इसके अलावा,डेली MACD अपनी ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे स्थित है,जो नेगेटिव रुझान को और पुख्ता करता है।

वर्तमान सेटअप को देखते हुए,बैंक निफ्टी में नियर टर्म में भी कमज़ोर प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। मुख्य स्तरों की बात करें तो 52,800–52,700 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है,क्योंकि यह हालिया तेज़ी के 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है।

52,700 के नीचे एक निर्णायक गिरावट,52,200 की ओर और नीचे जाने का रास्ता खोल सकती है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में 51,500 का स्तर भी आ सकता है। ऊपर की ओर 54,300–54,400 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 54,300, 54,400

अहम सपोर्ट: 52,800, 52,700, 52,200

रणनीति: 53,500 के नीचे Bank Nifty Futures बेचें, जिसमें 53,900 पर स्टॉप-लॉस और 52,800 का लक्ष्य रखें।

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