Trading Plan: मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी दे रहे मंदी के संकेत, निफ्टी और बैंक निफ्टी में रिकवरी जारी रहनी मुश्किल

Trading Plan: Nifty को 23,000–23,200 ज़ोन की ओर बढ़ने के लिए आने वाले सेशंस में लगातार खरीदारी के रुझान की ज़रूरत है। ऊपर जाने पर निफ्टी के लिए 23,470 पर अहम रेजिस्टेंस होगा। हालांकि,22,500–22,300 का ज़ोन एक सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 11:03 AM
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Trading Plan: मोमेंटम इंडिकेटर्स लगातार बने मंदी के रुझआन की पुष्टि कर रहे हैं। वीकली RSI गिरकर 27.68 पर आ गया है और गिरावट के दौर में बना हुआ है

Nifty Trading Plan for April 02 : दो दिन की तेज़ बिकवाली के बाद,ईरान मुद्दे पर तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते Nifty में ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला। अब 23,000–23,200 के दायरे की ओर बढ़ने के लिए Nifty को आने वाले सत्रों में लगातार खरीदारी का सपोर्ट मिलना ज़रूरी है। वहीं, 23,470 का स्तर मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी भी मंदी के संकेत दे रहे हैं,क्योंकि 'लोअर टॉप'और 'लोअर बॉटम'का ढांचा बन रहा है। साथ ही, India VIX भी 25 के आस-पास ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ये इस बात का संकेत है कि बाजार में सतर्कता की भावना बनी हुई है। 22,500–22,300 का ज़ोन एक सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है।

वहीं,Bank Nifty को 52,000–52,200 पर पहले उसके बाद 53,000 पर अगले बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक,अगर करेक्शन होता है तो 51,100 पर इसके लिए तत्काल सपोर्ट हो सकता है। उसके बाद 50,700 पर अगला बड़ा सपोर्ट होगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति


SBI सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव्स अनुसंधान हेड सुदीप शाह का कहना है कि मार्च के महीने में बेंचमार्क इंडेक्स,निफ्टी में ज़ोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिसका नतीजा यह हुआ कि मासिक चार्ट पर एक बड़ी'बेयरिश कैंडल'बन गई। यह कैंडल मौजूदा गिरावट के रुझान की मज़बूती को दिखाती है। अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से,इंडेक्स में 4,000 से ज़्यादा अंकों यानी 15 प्रतिशत से भी ज़्यादा की गिरावट आई है। यह गिरावट बिकवाली के दबाव की तीव्रता और उसके लगातार बने रहने को दिखाती है।

इंडेक्स अभी अपने 100 डे और 200 डे के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से 9 प्रतिशत से ज़्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है। हाल के महीनों में इन लंबे समय के एवरेज से यह सबसे बड़ा भटकाव है। यह बड़ा अंतर साफ़ तौर पर हाल की गिरावट की तेज़ी,रफ़्तार और मोमेंटम को दिखाता है,जो एक अहम तकनीकी कमजोरी का संकेत है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स लगातार बने मंदी के रुझआन की पुष्टि कर रहे हैं। वीकली RSI गिरकर 27.68 पर आ गया है और गिरावट के दौर में बना हुआ है। यह मार्च 2020 के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इस तरह की अत्यधिक ओवरसोल्ड रीडिंग्स मज़बूत गिरावट के मोमेंटम को दर्शाती हैं और संकेत देती हैं कि बाज़ार की चाल पर बिकवाली का दबाव हावी है।

आगे चलकर, 22,900–23,000 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 23,000 के ऊपर की टिकाऊ तेजी 23,300 के पास स्थित अगले रेजिस्टेंस का रास्ता खोल सकती है। दूसरी ओर 22,530–22,500 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। 22,500 के नीचे एक निर्णायक और लगातार गिरावट से फिर से बड़ा डाउनट्रेंड शुरू होने की संभावना है,जिससे निकट भविष्य में निफ्टी के लिए 22,300 और उसके बाद 22,100 के निचले स्तर खुल सकते हैं। निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस 22,900, 23,000, 23,300 पर और अहम सपोर्ट 22,500, 22,300, 22,100 पर है।

रणनीति :Nifty Futures को 23,925 के ऊपर खरीदें,23,650 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,450 का टारगेट सेट करें।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी में मार्च महीने में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। यह इंडेक्स लगभग 17 प्रतिशत तक गिर गया। यह मार्च 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इस इंडेक्स ने मंथली चार्ट पर एक बड़ी 'बेयरिश कैंडल'बनाई है,जो भारी बिकवाली के दबाव और प्राइस स्ट्रक्चर में एक बड़ी गिरावट का संकेत देती है।

यह इंडेक्स अभी डेली और वीकली,दोनों टाइमफ्रेम पर अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इससे बेयरिश ट्रेंड सेटअप और मज़बूत होता है। मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर बने हुए हैं। RSI रेंज शिफ्ट नियमों के अनुसार,डेली RSI बहुत ज़्यादा बेयरिश ज़ोन में फिसल गया है,जो लगातार नीचे की ओर बने मोमेंटम और खरीदारों में किसी खास दिलचस्पी की कमी को दिखाता है।

हालांकि बुधवार के सेशन में बैंक निफ्टी में थोड़ी गिरावट देखने को मिली,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया। इससे पता चलता है कि तेज़ी आने पर बिकवाली हो रही है। आगे चलकर,52,000–52,100 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर 52,100 के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होता है तो यह गिरावट के बाद की तेज़ी को 52,600 तक ले जा सकता है। उसके बाद नियर टर्म में 53,000 का लेवल भी देखने को मिल सकता है।

दूसरी ओर 51,000–50,900 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। 50,900 के नीचे कोई भी पक्का मूव डाउनसाइड रिस्क को फिर से खोल देगा और इंडेक्स को 50,400 के लेवल की ओर ले जा सकता है,जिससे करेक्शन का बड़ा ट्रेंड फिर से शुरू हो जाएगा। बैंक निफ्टी के लिए 52,000, 52,100, 52,600, 53,000 पर अहम रेजिस्टेंस और 51,000, 50,900, 50,400 पर अहम सपोर्ट हैं।

रणनीति : Bank Nifty Futures को 52,000–52,100 के बीच खरीदें, 51,600 का स्टॉप-लॉस रखें और 53,100 का लक्ष्य निर्धारित करें।

 

 

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