कच्चा तेल धड़ाम! ट्रंप के बयान के बाद 10% टूटा भाव, अमेरिकी शेयर बाजार में दिखा उछाल

Oil Price Crash: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड 10 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। तेल में गिरावट के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी दिखी। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जोखिम बरकरार है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 9:39 PM
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DBS बैंक के ऊर्जा क्षेत्र प्रमुख सुव्रो सरकार के मुताबिक ट्रंप के बयान के बाद बाजार शांत हुआ है।

Oil Price Crash: कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को 10 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान रहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। इस बयान से बाजार में उम्मीद बनी कि तेल सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट नहीं आएगी।

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 10.45 डॉलर यानी 10.6 प्रतिशत गिरकर 88.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड 10.61 डॉलर यानी 11.2 प्रतिशत गिरकर 84.16 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

अमेरिकी शेयर बाजार में भी दिखा उछाल


कच्चे तेल की कीमतो में गिरावट के बाद मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी दिखी। शुरुआत नरमी के साथ हुई, लेकिन बाद में उछाल दिखा। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 248 अंक यानी 0.5 प्रतिशत बढ़ा। वहीं S&P 500 में 0.4 प्रतिशत की तेजी रही। जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.6 प्रतिशत ऊपर कारोबार करता दिखा।

सोमवार को चार साल के हाई पर था तेल

इससे पहले सोमवार को तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। ब्रेंट क्रूड 119 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था, जो 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर था।

इस तेजी की वजह सऊदी अरब और अन्य उत्पादक देशों की ओर से सप्लाई कटौती और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई बाधित होने की आशंका थी।

ट्रंप और पुतिन की बातचीत के बाद बदला माहौल

तेल की कीमतों में गिरावट तब आई जब खबर सामने आई कि डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई। बताया गया कि दोनों नेताओं ने युद्ध को जल्दी खत्म करने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की।

ट्रंप ने CBS News को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध 'काफी हद तक खत्म होने के करीब' है। उनके मुताबिक, अमेरिका इस संघर्ष में उनकी शुरुआती चार से पांच हफ्तों की समयसीमा से कहीं आगे बढ़ चुका है।

बाजार में उतार चढ़ाव पर एक्सपर्ट की राय

DBS बैंक के ऊर्जा क्षेत्र प्रमुख सुव्रो सरकार के मुताबिक ट्रंप के बयान के बाद बाजार शांत हुआ है। उनका कहना है कि सोमवार को तेल की कीमतों में तेजी जरूरत से ज्यादा थी। लेकिन, मंगलवार की गिरावट भी कुछ हद तक अधिक प्रतिक्रिया हो सकती है।

Wood Mackenzie के चेयरमैन और मुख्य एनालिस्ट साइमन फ्लावर्स का कहना है कि भले ही युद्ध खत्म हो जाए, लेकिन तेल सप्लाई तुरंत सामान्य नहीं होगी। अगर तेल के कुएं लंबे समय तक बंद रहते हैं तो उत्पादन को फिर से पूरी क्षमता तक पहुंचने में कई हफ्ते लग सकते हैं।

ईरान की चेतावनी और नई भू राजनीतिक चिंता

इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो वह क्षेत्र से 'एक लीटर भी तेल निर्यात नहीं होने देगा।'

यह बयान इस बात का संकेत देता है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

रूस के तेल पर प्रतिबंध में ढील पर विचार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन रूस के तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और रणनीतिक तेल भंडार जारी करने पर भी विचार कर रहा है, ताकि बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।

Phillip Nova की एनालिस्ट प्रियंका सचदेवा के मुताबिक बाजार को कई संकेत मिले हैं। रूस के तेल पर प्रतिबंध में ढील की चर्चा हो रही है। ट्रंप ने भी युद्ध कम होने के संकेत दिए हैं। वहीं G7 देशों द्वारा रणनीतिक तेल भंडार इस्तेमाल करने की संभावना भी जताई जा रही है। इन सभी वजहों से बाजार को लग रहा है कि तेल की सप्लाई किसी न किसी तरह जारी रह सकती है।

हालांकि G7 देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने मंगलवार को हुई बातचीत में अभी रणनीतिक तेल भंडार जारी करने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे की चेतावनी

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक Saudi Aramco ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान युद्ध के कारण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती रही तो वैश्विक तेल बाजार के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

JPMorgan के मुताबिक अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं हुई तो अगले दो हफ्तों में 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

वैश्विक सप्लाई पर असर डालने वाली एक और घटना सामने आई है। अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने ड्रोन हमले के बाद आग लगने की वजह से Ruwais रिफाइनरी को बंद कर दिया है।

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान

Goldman Sachs का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति अभी भी तेजी से बदल रही है। इसलिए उसने फिलहाल अपने तेल कीमत के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है।

बैंक का अनुमान है कि साल की चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड करीब 66 डॉलर प्रति बैरल और WTI करीब 62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकता है।

(रायटर्स से इनपुट के साथ)

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