जाने-माने बैंकर और कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक ने निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगाह किया है। उन्होंने पूछा है कि अगर लिस्टेड भारतीय कंपनियों में मौजूद फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स बड़े पैमाने पर बाहर निकल जाते हैं, तो क्या भारत के पास इस 'ग्लोबल झटके' को बर्दाश्त करने की क्षमता है। सीएनबीसी-टीवी18 ग्लोबल लीडरशिप समिट में उन्होंने कहा कि यह विमर्श अक्टूबर में उभरकर सामने आया था, जब फॉरेन इनवेस्टर्स ने एक महीने में 11.2 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए, जिसके बाद निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स में 6 पर्सेंट की कटौती देखने को मिली।
