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Stock Market: बिकवाली के इस ट्रेंड को समझें, सिर्फ महंगे माने जाने वाले सेक्टर्स में प्रमोटर्स बेच रहे हिस्सेदारी

Stock Market: यूनिफी कैपिटल के फाउंडर मारन गोविंदसामी ने कहा कि प्रमोटर्स के हिस्सा बेचने की सैकड़ों वजहें हो सकती हैं। इनमें फैमिली सेटलमेंट्स, डायवर्सिफिकेशन या लिक्विडिटी की जरूरत प्रमुख हैं। लेकिन, जब एक साथ कई प्रमोटर्स ऐसा कर रहे हों तो इससे एक बड़ा संकेत मिलता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 16, 2025 पर 4:34 PM
Stock Market: बिकवाली के इस ट्रेंड को समझें, सिर्फ महंगे माने जाने वाले सेक्टर्स में प्रमोटर्स बेच रहे हिस्सेदारी
FY25 में 5.5 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन वाले भारतीय शेयर बाजारों में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 53 फीसदी थी।

यूनिफी कैपिटल के फाउंडर मारन गोविंदसामी ने कहा है कि इंडियन मार्केट्स में हाई वैल्यूएशंस वाले कुछ खास सेक्टर्स में प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे है। कम वैल्यूएशंस वाले सेक्टर्स में प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे। यह कुछ सेक्टर्स में ओवरवैल्यूएशन का एक बड़ा संकेत है। एन महालक्ष्मी के साथ द वेल्थ फॉर्मूला के दिवाली ब्लॉकबस्टर एडिशन में गोविंदसामी ने मार्केट के बारे में कई बड़ी बातें बताईं।

एक साथ ज्यादा प्रमोटर्स के हिस्सेदारी बेचने का खास मतलब

उन्होंने कहा, "प्रमोटर्स के अपने हिस्सा बेचने की सैकड़ों वजहें हो सकती हैं। इनमें फैमिली सेटलमेंट्स, डायवर्सिफिकेशन या लिक्विडिटी की जरूरत प्रमुख हैं। लेकिन, जब एक साथ कई प्रमोटर्स ऐसा कर रहे हों तो इससे एक बड़ा संकेत मिलता है।" FY25 में 5.5 लाख करोड़ रुपये Market Capitalization वाले भारतीय शेयर बाजारों में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 53 फीसदी थी। इसमें सरकार की 11.5 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है, जो सरकारी कंपनियों के जरिए है। साथ ही इसमें मल्टीनेशनल कंपनियों की 9.5 फीसीद हिस्सेदारी है जो इंडिया में उनकी लिस्टेड सब्सिडियरीज के जरिए है। इमें 32 फीसदी हिस्सेदारी इंडियन प्राइवेट प्रमोटर्स की है।

इंडियन प्रमोटर्स और एमएनसी बेच रहे हिस्सेदारी

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