केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने किया इशारा, सरकार आगे भी जारी रख सकती है PM E-DRIVE स्कीम

PM E-DRIVE एक EV सब्सिडी योजना है। 31 मार्च 2026 को यह स्कीम खत्म हो रही है। PM E-DRIVE का बजट 10,900 करोड़ रुपए है। PM E-DRIVE में 2W, 3W, बस और ट्रक पर फोकस है

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 3:47 PM
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इस स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के खरीदार वित्त वर्ष 2026 में 2,500 प्रति किलोवाट आवर की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं

सरकार PM E-DRIVE आगे जारी रख सकती है। PM E-DRIVE EV सब्सिडी स्कीम मार्च में खत्म हो रही है लेकिन इंडस्ट्री की ओर से इसे बढ़ाने की डिमांड जारी है। इसी सवाल पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने CNBC AWAAZ से हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में इशारा किया है कि जरूरत पड़ी तो स्कीम को आगे बढ़ा सकते हैं। अगर यह स्कीम आगे बढ़ती है तो इसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को मिलेगा। बता दें कि, PM E-Drive स्कीम न केवल वाहनों की खरीदारी को आसान बनाने के लिए आम ग्राहकों को सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराती है। यह पब्लिक चार्जिंग इंफ्रा, टेस्टिंग फेसिलिटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी के लोकलाइजेशन को भी सपोर्ट करती है।

इसके पहले 7 अगस्त 2025 को जारी सरकारी अधिसूचना में कहा गया था कि यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना और घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग के विकास को बढ़ावा देती रहेगी। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024 (EMPS-2024), जो अप्रैल से सितंबर 2024 तक लागू थी, उसे भी पीएम ई-ड्राइव में शामिल कर लिया गया है।

बता दें कि PM E-DRIVE एक EV सब्सिडी योजना है। 31 मार्च 2026 को यह स्कीम खत्म हो रही है। PM E-DRIVE का बजट 10,900 करोड़ रुपए है। PM E-DRIVE में 2W, 3W, बस और ट्रक पर फोकस है। इस में ई स्कूटर/बाइक पर बैटरी KWH के आधार पर सब्सिडी मिलती है। इंडस्ट्री की ओर से स्कीम बढ़ाने को लेकर मांग जारी है।


इस योजना का उद्देश्य 40 लाख से अधिक आबादी वाले 9 प्रमुख भारतीय शहरों में लगभग 24.8 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 3.2 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया और 14,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों को सब्सिडी देना है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक ट्रकों और एम्बुलेंसों के लिए क्रमश: 500 करोड़ रुपये तक के सहयोग का प्रावधान किया गया है।

हालाँकि, इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी आगामी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाली है। वहीं इलेक्ट्रिक बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस के लिए सब्सिडी मार्च 2028 तक जारी रहेगी। ये स्कीम लिमिटेड फंड के साथ आती है और यदि तय समय से पहले आवंटन समाप्त हो जाता है तो सब-कंपोनेंट्स को जल्दी बंद कर दिया जाएगा। यानी इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया चालकों के लिए सब्सिडी का लाभ मार्च 2026 तक ही उपलब्ध होगा।

इस स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के खरीदार वित्त वर्ष 2025 में 5,000 प्रति किलोवाट घंटा आवर (kWH) और वित्त वर्ष 2026 में 2,500 प्रति किलोवाट आवर की सब्सिडी का लाभ उठा सकते थे। आसान शब्दों में समझें तो यदि आपके वाहन की बैटरी 1kWH की है तो आप 2025 में 5,000 रुपये और 2026 में 2,500 रुपये तक की सब्सिडी का लाभ उठा सकते थे। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा वाहन के एक्स-शोरूम कीमत के 15 प्रतिशत तक ही सीमित है।

 

 

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