NSE पर इनवेस्टर अकाउंट्स का आंकड़ा 26 करोड़ के पार, 4 महीने से भी कम वक्त में बने 1 करोड़ खाते

ट्रेडिंग अकाउंट्स में यह बढ़ोतरी तेजी से हो रहे डिजिटाइजेशन और मोबाइल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से है। NSE के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक NSE पर लिस्टेड कंपनियों में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी 18.7% थी

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 10:36 AM
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादार इनवेस्टर अकाउंट्स दर्ज किए गए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) पर यूनीक ट्रेडिंग अकाउंट्स या यूनीक क्लाइंट कोड (UCCs) की संख्या जून 2026 में 26 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। एक्सचेंज ने कहा कि पिछले एक साल के अंदर 4.3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर अकाउंट्स जुड़े। वहीं हाल ही में जुड़े 1 करोड़ अकाउंट्स 4 महीने से भी कम समय में बने। एक्सचेंज ने बताया कि ट्रेडिंग अकाउंट्स की संख्या यूनीक इनवेस्टर्स की संख्या से ज्यादा है क्योंकि एक इनवेस्टर अलग-अलग ब्रोकर्स के साथ कई ट्रेडिंग अकाउंट्स रख सकता है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादार इनवेस्टर अकाउंट्स दर्ज किए गए। राज्य में 4.4 करोड़ UCCs हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है, जहां लगभग 3 करोड़ अकाउंट्स हैं। गुजरात में 2.2 करोड़ अकाउंट्स, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में 1.5-1.5 करोड़ अकाउंट्स दर्ज किए गए। इन टॉप 5 राज्यों का एक्सचेंज पर कुल इनवेस्टर अकाउंट्स में लगभग 49% योगदान रहा।

NSE ने यह भी बताया कि 2025 के दौरान कई पूर्वोत्तर राज्यों में इनवेस्टर अकाउंट्स की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। मिजोरम में 2021-25 के दौरान बढ़े कुल इनवेस्टर अकाउंट्स में से 32.3% अकेले 2025 में जुड़े। सिक्किम और मेघालय में इसी अवधि में क्रमशः 30% और 29.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


5 साल में निफ्टी 50 से 7.1% का सालाना रिटर्न

ट्रेडिंग अकाउंट्स में यह बढ़ोतरी तेजी से हो रहे डिजिटाइजेशन और मोबाइल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से है। NSE ने बताया कि 4 जून, 2026 को खत्म हुए 5 साल के दौरान बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स ने 7.1% का सालाना रिटर्न दिया। इसी दौरान निफ्टी 500 इंडेक्स ने 9.8% का सालाना रिटर्न दिया। NSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.6% की 5-साल की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर ₹462.2 लाख करोड़ हो गया।

NSE के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक NSE पर लिस्टेड कंपनियों में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी 18.7% थी। अप्रैल 2025 और मार्च 2026 के बीच लगभग 7.2 करोड़ नए SIP (सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) अकाउंट खोले गए। औसत मासिक SIP इनफ्लो वित्त वर्ष 2026 में ₹29,132 करोड़ हो गया।

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NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन का कहना है कि 26 करोड़ इनवेस्टर अकाउंट का आंकड़ा पार करना एक्सचेंज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह भारतीय कैपिटल मार्केट में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। मौजूदा भूराजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद, 4 महीने से भी कम समय में एक करोड़ अकाउंट का जुड़ना निवेशकों के लगातार भरोसे और मार्केट इकोसिस्टम के बढ़ते दायरे को दिखाता है। अहम बात यह है कि भागीदारी अब टियर 2, टियर 3 और टियर 4 शहरों तक भी फैल रही है।

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