Stock markets : 19 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। फेड रेट कट भी बाजार में जोश नहीं भर पाया। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद बाजार में तेज मुनाफावसूली हावी हो गई। सेंसेक्स, निफ्टी ऊपरी स्तर से फिसलकर बंद हुए। हालांकि आखिर में सेंसेक्स निफ्टी ने थोड़ी बढ़त लीष वहीं मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में भी तगड़ी बिकवाली दिखी। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 236.57 अंक या 0.29 फीसदी बढ़कर 83,184.80 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 38.25 अंक या 0.15 फीसदी बढ़कर 25,415.80 पर बंद हुआ।
PSE, तेल-गैस और मेटल शेयरों में बिकवाली रही। फार्मा और IT इंडेक्स भी गिरावट पर बंद हुए। वहीं, FMCG, बैंकिंग और ऑटो इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। निफ्टी बैंक 287 अंक चढ़कर 53,038 पर बंद हुआ। जबकि मिडकैप 401 अंक गिरकर 59,352 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। निफ्टी के 50 में से 27 शेयरों में तेजी देखने को मिली। निफ्टी बैंक के 12 में से 8 शेयरों में तेजी रही।
अब सवाल ये है कि अमेरिका में रेट कट के बाद उम्मीद थी कि बाजार उड़ान भरेगा। लेकिन इससे उलट बाजार में इतनी मुनाफा वसूली क्यों दिखी और बाजार की आगे की चाल कैसी रह सकती है?
कई बाजार जानकारों का कहना है कि बाजार ने यूएस फेड की इस आक्रामक कटौती को अमेरिका में संभावित आर्थिक मंदी को लेकर फेड की बढ़ती आशंकाओं के संकेत के रूप में देखा है। संभवत: इसी लिए मुनाफावसूली आई है। इसके अलावा बाजार अब तक काफी भाग चुका है ऐसे में इसमें अब कुछ मुनाफावसूली होना स्वाभाविक है।
प्राइम सिक्टोरिटीज के एन जयकुमार की राय है कि अक्सर किसी बड़े इवेंट के बाद बाजार में करेक्शन आता है। रेट कट के बाद बाजार में थोड़ी मुनाफावसूली हो सकती है। वैसे भी बाजार में करेक्शन की बात चल रही है। रैली के बाद बाजार में करेक्शन होता है। इस समय बाजार में सेक्टर रोटेशन हो रहा है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट्स की उम्मीद से ज्यादा कटौती और आगे भी और कटौती के संकेत दिए जाने के बाद बेंचमार्क सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ऊपर से फिसल गए और अंत में मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। दरों में भारी कटौती ने वैश्विक मंदी को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जिसके चलते प्रीमियम वैल्यूएशन पर चल रहे मिड और स्मॉल कैप शेयरों में मुनाफावसूली हुई। इस बीच, बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे घरेलू हैवीवेट सेक्टरों में विदेशी निवेश और अक्टूबर में आरबीआई द्वारा अपेक्षित दर कटौती के कारण खरीदारी देखने को मिली।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने ऑवरली चार्ट पर एक शूटिंग स्टार पैटर्न बनाया जो मंदी लौटने का शुरुआती संकेत है। इसके अलावा निफ्टी गैप-अप ओपनिंग और मजबूत ग्लोबल संकेतों के बावजूद राइजिंग ट्रेंडलाइन से ऊपर बंद होने में विफल रहा। अब आगे जब तक निफ्टी 25,550-25,600 रेंज से नीचे रहेगा तब तक मार्केट सेंटीमेंट कमजोर से लेकर साइडवेज बना रह सकत है। निचले सिरे पर निफ्टी के लिए 25,350 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर निफ्टी 25100-25000 की ओर फिसल सकता है।
मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि यूएस फेड द्वारा दरों में कटौती की आक्रामक घोषणा ने शुरुआती कारोबार में शानदार तेजी को बढ़ावा दिया, जिससे बेंचमार्क सूचकांकों ने नई ऊंचाई को छुआ। हालांकि, इसके बाद टेलीकॉम, मेटल और तेल एवं गैस शेयरों में मुनाफावसूली के कारण बाजारों ने बढ़त गंवा दी। बता दें कि हाल के हफ्तों में इनमें से अधिकांश सेक्टरों में तेजी आई थी। इस फेड का इवेंट अब बीत चुका है। अब बाजार का फोकस अगले महीने होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति और अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए ब्याज दर के मोर्चे पर उसके रुख पर रहेगा।
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