निवेशकों और ट्रेडर्स की नजरें आज आने वाले यूएस फेड के फैसले पर लगी हुई हैं। इस बीच रेफोलियो इन्वेस्टमेंट्स के फाउंडर और सीइओ संतोष जोसेफ का कहना है कि अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी नीति दरों में एक और बढ़ोतरी करता है तो यह आश्चर्य की बात होगी। हालांकि, वे इस बात को लेकर आश्वस्त है कि ईसीबी इस सप्ताह के अंत में दरों में बढ़त करेगा। मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि घरेलू बाजार में मिड और स्मॉलकैप शेयरों में नई जान आती दिख रही है। ये इस समय अच्छा प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। आगे भी इनका प्रदर्शन लॉर्ज कैप की तुलना में अच्छा रहेगा।
मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर का 20 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले संतोष जोसेफ ने कहा कि ठंडी पड़ती महंगाई और ब्याज दरों में बढ़त चक्र के पीक पर पहुंचने के साथ ही साल 2023 के बाकी बचे हिस्से में बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी।
अप्रैल-जून 2023 में सीपीआई के लगभग 4.6 फीसदी पर रहने की उम्मीद
महंगाई से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए संतोष ने कहा कि सीपीआई के अप्रैल-जून 2023 की अवधि में लगभग 4.6 फीसदी पर रहने की उम्मीद है। भारत की हेडलाइन महंगाई में मई तक लगातार चार महीनों से गिरावट देखने को मिली है। हालांकि आरबीआई अभी भी और गिरावट का इतंजार कर रहा है। उम्मीद है कि महंगाई में अभी और नरमी आएगी।
अगर यूएस फेड दरों में बढ़त करता है तो होगा आश्चर्य
आप इस सप्ताह होने अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीतिगत बैठकों से क्या उम्मीद करते हैं? क्या यह फेड की आखिरी बढ़ोतरी होगी? इस सवाल का जवाब देते हुए संतोष ने कहा कि बाजार ये मानकर चल रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़त पर विराम देखने को मिल सकता है। अगर यूएस फेड दरों में बढ़त करता है तो ये आश्चर्यजनक होगा। उन्होंने महंगाई को 2 फीसदी पर लाने का बहुत बड़ा लक्ष्य रखा है। लेकिन उनको देश में धीमी पड़ती ग्रोथ को भी ध्यान में रखना होगा। पिछली ब्याज दरों में बढ़ोतरी का प्रभाव एक अंतराल के साथ देखने को मिलता है। ऐसे में यूएस फेड पिछली बढ़तों के असर को देखने के लिए विराम लेने का निर्णय ले सकता है।
जहां तक यूरोपीय सेंट्रल बैंक का सवाल है तो वे दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इससे कम से कम 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। इस समय अमेरिका और यूरोप की दरों के बीच 150 आधार अंकों का अंतर है। ईसीबी द्वारा दरों में एक और बढ़त किए जाने के बाद यह अंतर 125 आधार अंकों तक सीमित हो जाएगा।
लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप आकर्षक
क्या लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप आकर्षक दिख रहे हैं? इसका जवाब देते हुए संतोष ने कहा कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। पिछले दो-तीन महीनों में हमें मिडकैप और स्मॉलकैप में नई जान आती दिखी है। 14-15 महीनों के ठहराव के बाद कई मिड और स्मॉलकैप शेयरों में ब्रेकआउट देखने को मिला है। ये अभी भी आकर्षक दिख रहे हैं। मिडकैप में सुधार के साथ ही ब्रॉडर मार्केट में भारी हलचल देखने को मिल रही है। इस रैली ये लंबा रास्ता तय करते दिखेंगे।
फार्मा सेक्टर में वैल्यू बाइंग के तमाम अच्छे मौके
फार्मा शेयरों पर बात करते हुए संतोष ने कहा कि इस समय फार्मा में निवेश के काफी अच्छे मौके दिख रहे हैं। पिछले 1 साल में आए करेक्शन और साइडवेज रहने के बाद अब इस सेक्टर में तेजी आती दिख रही है। ऐसे में इस सेक्टर में वैल्यू बाइंग के तमाम अच्छे मौके दिख रहे हैं।
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