अमेरिकी मिडटर्म में डेमोक्रेट्स का बड़ा उलटफेर! डॉलर-ट्रेजरी यील्ड धड़ाम, जानें भारतीय बाजार पर इसका क्या होगा असर
US Midterm-Indian Market Impact: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की बंपर बढ़त से ग्लोबल बाजारों में हलचल मच गई है। रिपब्लिकन का दबदबा घटने की आशंका में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में भारी गिरावट आई है। मनीकंट्रोल की स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला के मुताबिक, इस फेरबदल से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है, जो भारतीय बाजार और रुपये के लिए राहत की बड़ी राहत खबर है। जानिए अमेरिकी कांग्रेस में पावर शिफ्ट होने का क्या होगा भारत और दुनिया पर असर?
भारत के लिए यह चुनावी नतीजा सीधे बाजार से ज्यादा भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है
US Midterm Election Results 2026 Impact: अमेरिका के हाई-प्रोफाइल मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के क्लीन स्वीप की सुगबुगाहट के साथ ही वैश्विक वित्तीय बाजारों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण कमजोर होने की आशंका से यूएस डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मनीकंट्रोल की स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला के मुताबिक, अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की इस संभावित बढ़त का सीधा असर कच्चे तेल, कॉर्पोरेट टैक्स, ग्लोबल ट्रेड और भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिलेगा। अगर इस चुनाव में डेमोक्रेट्स बहुमत पाने में कामयाब हो जाते हैं तो जानिए क्या असर पड़ेगा?
1. कच्चे तेलकी कीमतों को राहत?
ग्लोबल मार्केट की नजरें इस समय कच्चे तेल पर टिकी हैं। कांग्रेस में डेमोक्रेटिक के बहुमत आने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान संघर्ष से पीछे हटने और मध्य पूर्व में तनाव कम करने का भारी दबाव बनेगा, जिससे क्रूड की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
वैसे जानकारों का यह भी मानना है कि ट्रंप ऐतिहासिक रूप से संसद की ज्यादा परवाह नहीं करते हैं और अपनी मनमर्जी से फैसले लेने के लिए 'एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स' का इस्तेमाल करते रहे हैं।
2. इन सेक्टर्स पर बढ़ेगा दबाव
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global के अनुसार, डेमोक्रेटिक जीत के बाद इन क्षेत्रों पर सबसे शुरुआती और बड़ा दबाव देखने को मिल सकता है:
फाइनेंशियल और एनर्जी सेक्टर्स: रेगुलेशन सख्त होने और जीवाश्म ईंधन पर सख्ती बढ़ने का खतरा।
बिग टेक और AI: बड़ी टेक कंपनियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कड़े नियम लागू हो सकते हैं।
टैक्स बढ़ोतरी का डर: 2028 के बाद कॉर्पोरेट टैक्स में बढ़ोतरी और सख्त कानूनों का डर निवेशकों के बीच अभी से गहराने लगा है।
3. ट्रंप के टैरिफ पर क्या लगेगा ब्रेक?
डेमोक्रेटिक कांग्रेस ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीतियों की कड़ी जांच करेगी और कानूनों के जरिए उन्हें लागू करने में अड़चन डालेगी। वैसे व्यापार नीति पर राष्ट्रपति के पास काफी अधिकार होते हैं, जिसका मतलब है कि टैरिफ में तुरंत कोई कटौती या वापसी नहीं होगी। ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक बड़ा निगरानी का विषय रहेगा।
4. AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर
ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रहेगा, लेकिन अमेरिकी राज्य और स्थानीय सरकारें डेटा सेंटर के विकास में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विभाजित संसद के कारण एआई सेक्टर के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाना मुश्किल हो सकता है।
भारत और भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
मनीकंट्रोल की स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला के अनुसार, भारत के लिए यह चुनावी नतीजा सीधे बाजार से ज्यादा भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है:
रुपये और FII के लिए पॉजिटिव संकेत: डॉलर इंडेक्स में गिरावट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कम होना और क्रूड ऑयल सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू बाजारों के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे भारतीय रुपये पर दबाव कम होगा और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारत में फ्लो बढ़ेगा।
ट्रेड डील का सस्पेंस बरकरार: Emkay Global के मुताबिक, अमेरिका और भारत के बीच किसी विश्वसनीय व्यापार सौदे की संभावना उतनी ही दूर है जितनी 3 महीने पहले थी। मिडटर्म नतीजों से इस पर कोई खास सकारात्मक बदलाव नहीं आया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।