US Election Results 2026: रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी माने जाने वाले भारतीय मूल के नेता विवेक रामास्वामी के लिए बुरी खबर आई है। ओहियो के गवर्नर पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एमी एक्टन (Amy Acton) ने विवेक रामास्वामी को हरा दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ एमी एक्टन पिछले 15 सालों में ओहियो की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर और राज्य के इतिहास में पहली महिला गवर्नर बन गई हैं।
$100 मिलियन का महामुकाबला: कौन हैं हराने वाली एमी एक्टन?
यह चुनाव केवल दो विचारधाराओं की लड़ाई नहीं बल्कि करीब ₹ 830 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम धनराशि वाला चुनावी मुकाबला था। रामास्वामी और उनके सहयोगियों ने डेमोक्रेटिक कैंप की तुलना में काफी अधिक पैसा खर्च किया, लेकिन नतीजों ने सबको चौंका दिया।
एमी एक्टन एक डॉक्टर हैं और कोविड-19 महामारी के दौरान ओहियो स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख के रूप में घर-घर में जाना-माना चेहरा बनी थीं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, जनता से जुड़ी सुविधाओं और आम आदमी की जेब को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया, जो मतदाताओं को खूब पसंद आया।
कौन हैं विवेक रामास्वामी?
9 अगस्त 1985 को सिनसिनाटी, ओहियो में जन्मे विवेक रामास्वामी के माता-पिता केरल से अमेरिका जाकर बसे थे। हार्वर्ड और येल यूनिवर्सिटी से पढ़े विवेक ने 2014 में 'Roivant Sciences' नाम की बायोटेक कंपनी बनाकर फार्मा सेक्टर में अरबों की संपत्ति बनाई।
2024 के रिपब्लिकन प्रेसिडेंशियल प्राइमरी में उम्मीदवार रहने के बाद उन्होंने ट्रंप का समर्थन किया। ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने पर वे एलन मस्क के साथ 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' (DOGE) का हिस्सा बने, जिसे उन्होंने गवर्नर चुनाव लड़ने के लिए छोड़ा था।
ट्रंप और 2028 के राष्ट्रपति सपनों को क्यों लगा बड़ा झटका?
यह चुनाव सिर्फ एक राज्य की सीट का नहीं, बल्कि वाशिंगटन की भावी राजनीति का लिटमस टेस्ट था। ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भी ओहियो को 11% से अधिक वोटों के अंतर से जीता था। इस मजबूत गढ़ में अपने समर्थित उम्मीदवार रामास्वामी की हार होना ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
रामास्वामी की नजरें 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर टिकी थीं। एक राज्य के गवर्नर का पद उन्हें प्रशासनिक अनुभव और रिपब्लिकन पार्टी में बड़ी पहचान देता, लेकिन इस हार ने उनकी 2028 की योजनाओं को अधर में लटका दिया है। इस बार अगर रामास्वामी जीतते तो वे ओहियो के इतिहास में पहले भारतीय-अमेरिकी गवर्नर बनते।