सेबी ने आईवीजी ट्रस्ट को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दी है। वाडीलाल इंडस्ट्रीज और और वाडीलाल एंटरप्राइजेज ने इस ट्रस्ट की शुरुआत की थी। रेगुलेटर के इस कदम से सक्सेशन प्लानिंग के तहत गांधी फैमिली की शेयरहोल्डिंग की इनटर्नल रीस्ट्रक्चरिंग का रास्ता साफ हो गया है।
सेबी ने 3 जुलाई को मामले में दो आदेश जारी किए
सेबी ने इस बारे में 3 जुलाई को दो अलग-अलग आदेश जारी किए। सेबी के होल-टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने आईवीजी ट्रस्ट को टेकओवर कोड के प्रावधानों से छूट दे दी। आम तौर पर इस प्रावधान के तहत किसी कंपनी का अधिग्रहण करने वाली कंपनी को उस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी में एक सीमा से ज्यादा हो जाने पर ओपन ऑफर पेश करना होता है। यह ओपन ऑफर पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए होता है।
रेगुलेटर ने अधिग्रहण को फैमिली रीऑर्गेनाइजेशन माना
सेबी ने कहा है कि प्रस्तावित अधिग्रहण इनटर्नल फैमिली रीऑर्गेनाइजेशन है। इसमें किसी तरह का कमर्शियल ऑब्जेक्टिव शामिल नहीं है। इससे प्रमोटर ग्रुप की कुल शेयरहोल्डिंग में भी बदलाव नहीं हो रहा है। इससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग या कंट्रोल में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हो रहा। रीस्ट्रक्चरिंग का यह मामला IVG Trust से जुड़ा है। इस ट्रस्ट की स्थापना जुलाई 2025 में हुई थी। Ila V. Gandhi इस ट्रस्त की सेटलर हैं। वीरेंद्रभाई रामचंद्र गांधी और उनके बेटे जनमेजय वीरेंद्रभाई गांधी इसके ट्रस्टीज हैं। बेनेफिशियरीज में वीरेंद्रभाई गांधी, इला गांधी, जनमेजय गांधी और उनके वंशज शामिल हैं।
ऐसे होगा बिजनेस का रीऑर्गेनाइजेशन
यह ट्रस्ट वाडीलाल इंडस्ट्रीज के लिए 2,81,458 शेयरों का अधिग्रहण करेगा। यह कंपनी में 3.92 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इससे पहले इला गांधी और जनमेजय गांधी को अपनी हिस्सेदारी वीरेंद्रभाई गांधी को गिफ्ट में देनी होगी। उसके बाद वह कंसॉलिडेटेड हिस्सेदारी ट्रस्ट को ट्रांसफर कर देंगे। ट्रस्ट परोक्ष रूप से प्रमोटर की कंपनियों वाडीलाल इंटरनेशनल, Veronica Constructions और Axilord Pvt Ltd का भी नियंत्रण हासिल करेगा। ट्रस्ट इन कंपनियों में प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग के ट्रांसफर के जरिए कंट्रोल हासिल करेगा। कुल मिलाकर इन कंपनियों की वाडीलाल इंडस्ट्रीज में 47.2 फीसदी हिस्सेदारी है।
वाडीलाल इंडस्ट्रीज में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी नहीं बदलेगी
सेबी के आदेश के मुताबिक, ट्रांसफर के जरिए वाडीलाल इंडस्ट्रीज में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 64.72 फीसदी पर अपरिवर्तित रहेगी। पब्लिक शेयरहोल्डिंग भी 35.28 फीसदी बनी रहेगी। टेकओवर कोड के प्रावधानों के तहत ओपन ऑफर पेश करने से छूट के लिए अप्लिकेशन अगस्त 2025 में फाइल किया गया था। बाद में इसे रिवाइज किया गया। सेबी ने मामले पर विचार करने और अपने सवालों के जवाब से संतुष्ट होने के बाद ट्रस्ट को ओपन ऑफर पेश करने से छूट दे दी।