बाजार के आगे के आउटलुक पर बात करते हुए कंप्लीट सर्किल के मैनेजिंग पार्टनर और CIO गुरमीत चड्ढा का कहना है कि सीमेंट स्टॉक , कैपिटल गुड्स सेक्टर में काफी करेक्शन देखने को मिला है लेकिन इनके वैल्यूएशन अभी भी महंगे लग रहे है। बजट को देखते हुए एनर्जी, रेलवे, डिफेंस कैपेक्स में मेरा झुकाव ज्यादा है। एनर्जी, रेलवे, डिफेंस के वैल्यूएशन कही बेंहतर हुए है।
ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि इस सेक्टर में एमएंडएम पर भरोसा ज्यादा बढ़ा है। स्टॉक में करेक्शन देखने को मिला है। स्टॉक का वैल्यूएशन काफी रीजनेबल नजर आ रहा है। वॉल्यूम ग्रोथ में बढ़त कंपनी मार्केट लीडर में बड़ी है। SUVs में एमएंडएम की लीडरशिप भी काफी बढ़ रही है। इस सेक्टर में हमारी काफी पुरानी होल्डिंग है। ऑटो सेक्टर में SONA BLW का शेयर भी काफी पसंद है। ऑटो एंसिलरी सेगमेंट भी अच्छा लग रहा है।
बाजार अब बजट पर ज्यादा रिएक्ट नहीं करता
बजट से क्या उम्मीदें है इसपर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि भारतीय बाजार ने कई सालों से बजट को डिस्काउंट कर दिया है। बजट के बाद 1-2 दिनों के लिए बाजार में मोमेंट आता है। बजट से उम्मीदें कम है इसलिए शायद बजट पॉजिटीव सरप्राइस दे सकता है। बाजार अब बजट पर ज्यादा रिएक्ट नहीं करता।
मिडकैप आईटी के नतीजे अच्छे रहे
मिडकैप आईटी शेयरों पर बात करते हुए गुरमीत चड्ढा ने कहा कि मिडकैप आईटी के नतीजे अच्छे रहे हैं। बाजार अर्निंग को लेकर अलग-अलग रुख बना रहा है। जिन कंपनियों के नतीजे बेहतर आ रहे है उनमें अच्छी मूव देखने को मिल रही है । वहीं जिनके नतीजे निराश कर रहे है उनमें दबाव भी साफ नजर आ रहा है। मेरा मानना है कि केवल अर्निंग को ना देखें अगर स्टॉक के वैल्यूएशन अच्छे है और अर्निंग इनलाइन आ रहे है तो इनमें निवेश किया जा सकता है।
एफएमसीजी सेक्टर में सिक्लिकल स्लोडाउन जो आगे होगा रिवाइवल
एचयूएल के शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बजट में अगर टैक्स में कटौती होती है और अगर सरकार का रूरल सेक्टर की तरफ झुकाव होता है तो जो कंपनियां रुरल सेगमेंट में काम कर रही है उनमें थोड़ी तेजी आ सकती है। हालांकि एचयूएल 3 सालों से अंडरपरफॉर्म कर रहा है। इस स्टॉक ने पूरी रैली में पार्टिसिपेट नहीं किया है। मैनेजमेंट की नकारात्मक कमेट्री, वैल्यूएशन हाई, सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ ये कई कारण है जिसके चलते स्टॉक में दबाव रहा है। एफएमसीजी सेक्टर में स्लोडाउन स्ट्रक्चरल नहीं बल्कि सिक्लिकल है।
एफएमसीजी सेक्टर में सिक्लिकल स्लोडाउन है जो आगे रिवाइवल होगा। उस कारण एफएमसीजी सेक्टर हमें अट्रैक्टिव लग रहा है। हमारे पोर्टफोलियो में टाटा कंज्यूमर का शेयर है। जोमैटो में हमने गिरावट में खरीदारी है। ट्रैवल एंड टूरिज्म को भी हम कंजम्शन बास्केट में मानते है।
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