Varun Beverages के बोर्ड ने QIP इश्यू को दी मंजूरी, 7500 करोड़ रुपये जुटाने की है योजना

Varun Beverages QIP: 8 नवंबर 2016 को अपने आईपीओ के बाद से VBL के शेयर ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस साल अब तक कंपनी के शेयर 19 फीसदी भाग चुके हैं। पिछले एक साल में स्टॉक ने करीब 60 फीसदी का रिटर्न दिया है। इतना ही नहीं, पिछले 5 सालों में इसके निवेशकों को 972 फीसदी का तगड़ा रिटर्न मिला है

अपडेटेड Oct 09, 2024 पर 8:17 PM
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Varun Beverages (VBL) ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है

वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (VBL) ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी के बोर्ड ने आज 9 अक्टूबर को आयोजित मीटिंग में यह निर्णय लिया। कंपनी की योजना QIP इश्यू के जरिए 7500 करोड़ रुपये जुटाने की है। कंपनी द्वारा यह फंड एक या अधिक किस्तों में जुटाया जा सकता है। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस फंड का इस्तेमाल कहां करना चाहती है। इस बीच कंपनी के शेयरों में आज 0.44 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 592.50 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 1.92 लाख करोड़ रुपये है।

Varun Beverages का टारगेट प्राइस

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने हाल ही में वरुण बेवरेजेज पर 'Buy' की सिफारिश की है और ₹780 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया है। VBL भारत में दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्ट ड्रिंक बॉटलर है, जिसके पास कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक (CSD) मार्केट में 28% हिस्सा है। कोका-कोला की फ्रेगमेंटेड बॉटलिंग सिस्टम बड़ी है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 55% है। कंपनी के पास वर्तमान में 40 लाख आउटलेट हैं और वह प्रति व्यक्ति सॉफ्ट ड्रिंक कंजप्शन को बढ़ाने के लिए हर साल 300,000 से 400,000 आउटलेट जोड़ने की योजना बना रही है।


क्या है Varun Beverages पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज ने अपने पोर्टफोलियो के लिए VBL को प्राथमिकता दी है, जिसका आधार पेप्सी ब्रांड और भारत की लीडिंग अफोर्डेबल एनर्जी ड्रिंक स्टिंग एनर्जी है। स्टिंग एनर्जी कंपनी के वॉल्यूम का 15 फीसदी हिस्सा है। VBL स्पोर्ट्स ड्रिंक, जूस और डेयरी बेवरेज का प्रोडक्शन और बिक्री भी करती है। इसके अलावा, VBL का 19% वॉल्यूम भारत के बाहर के सीमांत बाजारों से आता है, खास तौर पर अफ्रीका में। HSBC ने अफ्रीका में अस्थिर मैक्रोइकॉनोमिक एनवायरनमेंट का हवाला देते हुए कंपनी के यहां विस्तार पर चिंता जताई।

HSBC ने अपने नोट में कहा कि AI टूल और रणनीतियों का लाभ उठाते हुए डिसरप्टिव डिजिटल बिक्री मॉडल भारत में आ रहे हैं। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि वरुण बेवरेजेज अपने कंपटीटर्स से पहले इन टूल को अपनाकर बाजार में हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। HSBC ने कहा, "हमारा तीन-स्टेज वाला DCF मॉडल 10-वर्षीय रेवेन्यू CAGR 16%, 20-वर्षीय मिड-स्टेज रेवेन्यू CAGR 11% और टर्मिनल कैश फ्लो ग्रोथ रेट 3.5% मानता है।"

Varun Beverages ने दिया 5 साल में 972 फीसदी का रिटर्न

8 नवंबर 2016 को अपने आईपीओ के बाद से VBL के शेयर ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले एक महीने में VBL के शेयरों का प्रदर्शन फ्लैट रहा है। इस साल अब तक कंपनी के शेयर 19 फीसदी भाग चुके हैं। पिछले एक साल में स्टॉक ने करीब 60 फीसदी का रिटर्न दिया है। इतना ही नहीं, पिछले 5 सालों में इसके निवेशकों को 972 फीसदी का तगड़ा रिटर्न मिला है।

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