Vedanta Chairman Anil Agarwal Son Passed Away: दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल अब नहीं रहे। अनिल अग्रवाल ने X (पूर्व नाम Twitter) पर 7 जनवरी को अपनी जिंदगी का सबसे अधिक अंधेरे वाला दिन कहा। उन्होंने बताया कि 49वर्षीय अग्निवेश का अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक्सीडेंट हो गया था और वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में रिकवर हो रहे थे लेकिन एकाएक हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हो गया। अग्निवेश की बात करें तो उनका परिचय सिर्फ वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन का बेटा होना ही नहीं है बल्कि कॉरपोरेट इंडस्ट्री में उनकी अपनी एक अलग पहचान थी। वह तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TCPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एक थे।
अग्निवेश का जन्म 3 जून, 1976 को पटना में अनिल और किरण अग्रवाल की बिहारी मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। अग्निवेश ने अजमेर के मशहूर मेयो कॉलेज में अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की और बाद में मुंबई आकर मुंबई विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक सफल प्रोफेशनल करियर बनाया। ध्यान दें कि उन्हें सिर्फ विरासत ही नहीं मिली बल्कि उन्होंने खुद एक विरासत का निर्माण किया। कॉरपोरेट सेक्टर में उनके पास करीब दो दशकों का अनुभव था।
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की प्रमोटेड कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के चेयरमैन थे। अग्निवेश अग्रवाल ने 27 अप्रैल 2019 को टीएसपीएल में डायरेक्टर और चेयरपर्सन के तौर पर काम संभाला था, जहां उन्होंने पंजाब की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स में से एक का काम देखा। वह वेदांता की खई अन्य सब्सिडिरीज और एसोसिएटेड कंपनियों के बोर्ड में भी थे। अग्निवेश ने Fujairah Gold को बनाने में बड़ी भूमिका निभाई और इसमें उन्होंने चेयरमैन और एमडी के तौर पर काम किया। उनके नेतृत्व में यह कंपनी प्रेशस मेटल रिफाइनरीज और कॉपर रॉड प्लांट्स की अहम ऑपरेटर बन गई। उन्होंने हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के रूप में भी काम किया।
ऐसा नहीं है कि अग्निवेश सिर्फ कॉरपोरेट वर्ल्ड तक ही सीमित रहे बल्कि अनिल अग्रवाल के ट्वीट के मुताबिक अग्निवेश एक एथलीट, संगीतकार और लीडर थे। अनिल अग्रवाल ने अपने ट्वीट में अग्निवेश की खूबियों का जिक्र करते हुए देशभक्ति का काफी बखान किया और कहा कि वह आत्मनिर्भर भारत के मुखर समर्थक थे। अनिल ने इस बात का जिक्र किया है कि उनका बेटा कभी-कभी पूछता था कि पापा, एक राष्ट्र के रूप में हमारे पास किसी चीज की कमी नहीं है। हमें पीछे क्यों रहना चाहिए?