Vedanta का शेयर टूट रहा तीन दिनों से लगातार, अब तीन बातों से सपोर्ट की उम्मीद

Vedanta Shares: अनिल अग्रवाल की दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के शेयरों लगातार तीन दिन से कमजोर हुए हैं। अब इसके बिजनेस पांच हिस्सों में टूट रहे हैं जिसकी रिकॉर्ड डेट 1 मई है। ऐसे में जानिए कि वेदांता के शेयरों की तेजी क्या आगे भी बनी रहने वाली है और इसे सपोर्ट करने वाले अहम फैक्टर्स कौन-कौन से हैं

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 8:57 AM
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Vedanta Shares: वेदांता के शेयरों ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त परफॉरमेंस दिखाया है। वर्ष 2020 में ₹87 के डीलिस्टिंग प्राइस से रॉकेट की स्पीड से चढ़कर छह वर्षों में यह स्टॉक लगभग 10 गुना तक चढ़ चुका है। हालांकि अब निवेशकों के मन में बड़ा सवाल यह है कि क्यां यहां से अभी और वैल्यू निकल सकती है। इसे लेकर बाजार का रुझान मिला-जुला दिख रहा है। एक तरफ कुछ निवेशक वेदांता के शेयरों की ताबड़तोड़ तेजी के बाद अब मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं जिसके चलते पिछले तीन कारोबारी दिन में यह शेयर करीब 4% गिर चुका है। वहीं दूसरी तरफ निवेशकों का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है जो मानता है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, आगे और तेजी के आसार हैं।

Vedanta को सपोर्ट करने वाले कुछ फैक्टर्स

कमजोर रुपये से वेदांता को फायदा हो रहा है। दरअसल डॉलर के मुकाबले हर एक रुपये की गिरावट से इसके EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट में लगभग ₹900 करोड़ से ₹950 करोड़ की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन वेदांता के लिए एक और बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है-एलुमिनियम।


बाजार के सामने अगला बड़ा सवाल यह है कि क्या एल्युमिनियम बिजनेस वेदांता के लिए अगला बड़ा वैल्थ क्रिएटर बनेगा? LME (लंदन मेटल एक्सचेंज) पर एलुमिनियम की कीमत में हर 10% बदलाव से वेदांता का ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब $44.5 करोड़ तक बढ़ सकता है। पिछले वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में एलुमिनियम की औसत कीमत करीब $2,634 प्रति टन रही। हालांकि मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावटों ने स्मेल्टिंग कैपेसिटी को प्रभावित किया है और इनके जल्द सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। इसी को देखते हुए कोटक जैसी ब्रोकरेज कंपनियों ने एलुमिनियम कीमतों के अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं लेकिन फिर भी ये मौजूदा स्पॉट कीमतों से कम ही हैं।

फिलहाल कोटक और नुवामा जैसे ब्रोकरेजेज फर्म इसके एल्युमिनियम बिजनेस को लगभग 6.5 गुना EBITDA पर वैल्यू कर रही हैं लेकिन एक धारणा यह भी है कि इसे करीब 7 गुना का ऊंचा मल्टीपल मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वेदांता के कुल वैल्यूएशन में एलुमिनियम की हिस्सेदारी बढ़ सकती है। इस प्रकार वेदांता की अगली ग्रोथ एलुमिनियम, मैक्रो लेवल पर अनुकूल परिस्थितियों और वैल्यूएशन मल्टीपल पर निर्भर करेगी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

वेदांता के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है और एक साल से भी कम समय में निवेशकों का पैसा लगभग डबल कर दिया। पिछले साल 9 मई 2025 को बीएसई पर यह ₹398.85 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 11 महीने में 99.30% उछलकर 21 अप्रैल 2026 को ₹794.90 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 22 अप्रैल को 1.30% की गिरावट के साथ यह ₹757.05 पर बंद हुआ था।

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